Published On : Wed, Jul 4th, 2018

ZP में गूंजा एलईडी व टैक्स घोटाला

Representational Pic

नागपुर: जिला परिषद स्थायी समिति की बैठक में एक बार फिर एलईडी लाइट घोटाला व ग्राम पंचायतों द्वारा फ्लैट स्कीम से टैक्स वसूली में हुए घोटालों की जांच का मामला गूंजा. सत्तापक्ष सदस्य रूपराव शिंगणे ने फिर यह मामला उठाया और अब तक दोषियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर रोष जताया. जिले से सटी ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर फ्लैट स्कीम व टाउनशिप के निर्माण तो हुए हैं लेकिन ग्राम पंचायतों के सचिवों द्वारा इनसे सेटिंग कर टैक्स वसूली नहीं की जा रही है और अपनी जेबें भरी जा रही हैं. यह मुद्दा पिछले करीब 2 वर्ष से भाजपा के ही सदस्य रूपराव शिंगणे उठा रहे हैं. जिप अध्यक्ष ने तत्कालीन डिप्टी सीईओ पंचायत विभाग को मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था.

तत्कालीन सीईओ कादम्बरी बलकवडे ने भी मामले को गंभीरता से लिया था, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है. वहीं ग्रामीण भागों में एलईडी लाइट खरीदी में भी भारी घोटाला किया गया है. दोनों मामलों में जिप अध्यक्ष निशा सावरकर ने डिप्टी सीईओ को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया. बैठक में उपाध्यक्ष शरद डोणेकर, सभापति उकेश चव्हाण, दीपक गेडाम, आशा गायकवाड़, पुष्पा वाघाडे, समित सदस्य विजय देशमुख, रूपराव शिंगणे, वर्षा धोपटे, मनोहर कुंभारे, ज्ञानेश्वर कंभाले, उज्वला बोढारे, पदमाकर कडु, सीईओ संजय यादव, एडिशनल सीईओ अंकुश केदार व सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे.

विभाग प्रमुख करते हैं गुमराह

नये सीईओ संजय यादव की यह पहली स्थायी समिति की बैठक थी. जानकारी के अनुसार, सभी पदाधिकारियों व समिति सदस्यों ने शिकायत की कि करीब 2-3 वर्ष से बैठक में जो मुद्दे, समस्याएं या शिकायतें सदस्य रखते हैं, उनका निपटारा ही विभाग प्रमुखों द्वारा नहीं किया जाता है. पिछले 2-3 वर्षों से हर स्टैडिंग में पुरानी बैठकों के ही मुद्दों का समावेश होता है और इस संदर्भ में विभाग के अधिकारी केवल गुमराह करने का ही कार्य करते हैं.

हर बैठक में उन्हीं मुद्दों का एक और पन्ना जुड़ा जाता है. पदाधिकारियों का कहना था कि सभी पुराने मुद्दों का त्वरित निपटारा किया जाए तभी नये विषय अब बैठक में रखे जाएंगे. जानकारी के अनुसार, सीईओ यादव ने पदाधिकारियों की बातों को गंभीरता से लिया है और आश्वस्त किया है कि अब किसी मामले को बिना किसी कारण के अटकाया नहीं जाएगा.

सीएम पेयजल योजना जल्दी निपटाओ

बैठक में बताया गया कि जिले में मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत 45 मंजूर कार्यों में 39 के वर्कआर्डर कर दिये गए हैं, साथ ही खनिज विकास निधि अंतर्गत जलापूर्ति के 132 मंजूर कार्यों में से भी 81 का वर्कआर्डर किया गया है. अध्यक्ष ने विभाग के कार्यकारी अभियंता को सभी शेष कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. वहीं जिले में आंगनवाड़ी इमारत निर्माण कार्यों को मनरेगा के माध्यम से पूरा करने का निर्देश भी उन्होंने दिया.

समिति सदस्यों ने जलापूर्ति योजनाओं में पीवीसी की जगह एचडीपी पाइप उपयोग में लाने का सुझाव दिया जिसके लिए प्रस्ताव तैयार कर सरकार से मंजूरी हेतु भेजने का निर्देश अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारी को दिया.