Published On : Tue, Feb 21st, 2017

लाख कोशिशों के बावजूद जागरूग नहीं हुए मतदाता

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Representational Pic

नागपुर: चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाना चुनाव आयोग के लिए चुनौती भरा काम लगातार साबित हो रहा है। सरकार -प्रशाशन और सामाजिक कार्यकर्ता हर स्तर पर मतदान के प्रति जनजागृति बढ़ाने का काम होने के बावजूद मतदान का प्रतिशत अपेक्षा के हिसाब से नहीं बढ़ पा रहा है। देश भर की ही तरह नागपुर में मतदाता लोकतंत्र में प्राप्त सबसे शशक्त अधिकार मतदान का उपयोग करने में उदासी ही दर्शा रहे है।

मंगलवार को नागपुर महानगर पालिका चुनाव के लिए मतदान हुआ प्रसाशन के साथ राजनेताओं को अच्छे मतदान प्रतिशत की उम्मीद थी लेकिन शहर के आम नागरिको ने सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बीते मनपा चुनाव के अनुपात में इस बार सिर्फ न के बराबर ही मतदान का प्रतिशत बढ़ा।

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मतदान के लिए युवा मतदाताओं में भी भारी उदासीनता साफ़ देखी गयी। मतदाताओ की लिस्ट में लगभग 1 लाख तीस हजार नए मतदाता जुड़े थे अगर ये सभी अपने मताधिकार का ईमानदारी से प्रयोग करते तो मतदान प्रतिशत में अवश्य ही बढोत्री होती लेकिन मतदान केंद्रों से युवाओं की उपस्थिति नदारद ही दिखी। शहर और राज्य में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए राज्य चुनाव आयोग का राज्यस्तरीय कार्यक्रम नागपुर में ही आयोजित किया गया था।

इतना ही नहीं मतदान के समाज को प्रेरित करने के लिए कई जानीमानी हस्तिया और यूथ आइकॉन ने भी अभियान में हिस्सा लिया। बावजूद इसके सारे कार्यक्रम धरे के धरे रह गए मतदाता जागृत हुआ ही नहीं। खुद मुख्यमंत्री ,प्रशाशनिक अधिकारी राजनेताओं की अपील का जनता में खास असर शहर में मतदान के प्रतिशत को देख कर तो नहीं ही पड़ता दिखाई दे रहा है।

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