Published On : Mon, Jun 15th, 2015

यवतमाल : योगा का मुख्य कार्यक्रम 21 को

 

पोस्टल ग्राऊंड पर आयोजन 

yavatmal
यवतमाल।
जिलाधिकारी सचिंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि, 21 जुन अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस होने से जिले का मुख्य कार्यक्रम पोस्टल ग्राऊंड पर सुबह 7 बजे आयोजित किया जाएंगा. इतना ही नहीं तो जिले की सभी स्कूलों में योगा कार्यक्रम 7 बजे से 7.35 तक चलेगा. उन्होंने बताया कि, योग से कोई साईड इफिकेट नहीं होते और कई बिमारियां दूर हों जाती है. जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लें.

उसी प्रकार 4 जुलाई तक स्कूलबाह्य बच्चों को ढूंढकर स्कूल तक लाने का काम सर्वेअर को सौंपा गया है. सर्वेअर की जिम्मेदारी ग्रामसेवक, अध्यापक और अंगनवाड़ी सेविका को सौंपी जा सकती है. उन्होंने बताया कि, बच्चे स्कूल में आने के बाद उनका जिवन सुधर सकता है. 7689 ब्रासरेती जब्त की गई है. जिस पर 5 लाख 59 हजार 284 जुर्माना लगाकर वसूल किया गया है. इस मामले में 134 फौजदारी गुनाह दर्ज किए गए है. 18 मई से प्रभार संभालने के बाद कार्यालयीन अनुशासन, ड्रेसकोड, जनसुविधा, शिकायत निवारण, कार्यालयीन उपस्थिति आदि पर ध्यान दिया गया है. उसी प्रकार अवैध ढाबों, हॉटल पर कार्रवाई करने की सूचना तहसीलदार को दी गई है.

घरकुल के लाभार्थियों को मिलेगा दूसरा चेक फौरन
यवतमाल शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित उमरसरा के घरकुल के लाभार्थियों को पहला धनादेश मिलने के बाद उन्होंने जितना काम हों सकता था, उतना किया. मगर वर्षा करीब आने के बाद भी उन्हें दूसरा धनादेश नहीं मिलने से खेले में रहना पड़ रहा है. ऐसा जिलाधिकारी को बताने के बाद उन्होंने बताया कि, इस मामले में लाभार्थियों को फौरन दूसरा धनादेश देने की व्यवस्था वे कराएंगे.

गोलगप्पे के सभी बच्चे खतरे से बाहर
जिलाधिकारी से कल रात पांढरकवड़ा उपजिला अस्पताल में चिकित्सक द्वारा इलाज नहीं करने से बच्चों के अभिभावक और परीचीत संतप्त हो गए थे, ऐसा बताने के बाद उन्होंने यवतमाल से तीन एम्बुलंन्स वहां भेजी और सभी बच्चों को यवतमाल जिला अस्पताल में भर्ती कराया और आज इन सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर होने की जानकारी भी उन्होंने दी.

जिला प्रशासन में किया सुधार
सीसीटीवी प्रणाली जिलाधिकारी और एसडीओ कार्यालय में लगे इसलिए जिला नियोजन समिति को प्रस्ताव पेश किया गया है. जिलाधिकारी कार्यालय परीसर का अतिक्रमण हटाया गया है. सरकारी जगह का गैरप्रयोग करने से गुनाह दर्ज किए गए है. जिसमें सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार रविंद्र देशमुख, नंदु बुटे, संगठन अध्यक्ष टाके और अशोक कट्यारमल शामिल है. 300 की उपर की जनसंख्यावाले गाव को राजस्व गाव का दर्जा देने का काम शुरू है. पुलिस, अन्न एवं औषध प्रशासन और अन्य विभागों के बिच समन्वय साधा जा रहा है. किसान आत्महत्या मामले की जायजा सभा हर माह में एक बार होती थी अब तीन बार होगी. जिले के सभी विभाग प्रमुखों को उनके विभाग की अपडेट जानकारी यवतमाल डॉट निक डॉट इन पर डालने की सूचना दी गई है. सभी कर्मियों की स्वास्थ्य जांच यवतमाल मेडिकल कॉलेज में की जाएंगी. सभी कर्मियों की कर्तव्य सूची भी बनाई गई है.

पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए है. कितने पेट्रोल पंप धारकों ने उन्हें प्रदान किए गए नाहरकत प्रमाणपत्र का उल्लंघन किया गया है. इसकी जानकारी एसडीओ जिलाधिकारी को देंगे. सभी उपविभागीय अधिकारी उनके क्षेत्र में मर्ग समरी कितनी प्रलंबित है, इसकी जानकारी देंगे. सभी राशन दुकानदार 1 तारीख को चालान भरकर अनाज वितरण की शुरुवात करें. 8 तारीख को वितरण नहीं हुआ तो राशन दुकान का लाईसन्स रद्द किया जाएगा. जिन लोगों को अन्न सुरक्षा कानून का लाभ नहीं मिला, ऐसे लोगों को ढूंढकर लाभ दिया जाएंगा. अनाज भंडारा में अनाज उठाने और वितरण पर नियंत्रण करने के लिए सभी भंडारों समेत तहसील कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए है. राशन अनाज दुकान की हर तीन माह बाद जांच के साथ ही पेट्रोल पंप, गैस एजन्सी और सिलेंडर का गैर प्रयोग रोकने के लिए नियमित जांच के आदेश आपूर्ति विभाग को दिए गए है.

बाल कामगार रोकने के लिए 12 स्थानों पर छापे मारे गए. जिसमें मनोज बेकरी के संचालक मनोज त्रिवेदी के खिलाफ गुनाह दर्ज किया गया है और उनके दुकान का लाईसन्स भी रद्द किया जाएंगा. फसल कर्जे का पुनर्गठन करने के लिए हर बैंक में 3 संपर्क अधिकारी नियुक्त किए गए है. जिससे बैंकों के मैनेजरों को इन अधिकारियों को हर दिन के कर्जे की कार्रवाई की जानकारी देना बंधनकारक है. यवतमाल में दिनेश बोरा और उमरखेड़ में अन्य साहूकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जलयुक्त कामों को रोज भेट देकर दर्जे की जांच की जा रही है. न.प. क्षेत्र में सीओ की उपस्थिति में सुबह 6 से 8 बजे तक सफाई मुहिम हों रही है. सभी अधिकारियों को सोमवार और शुक्रवार को मुख्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है. लोकशाही दिन, पालकमंत्री और जिलाधिकारी की बैठक को उपस्थित रहना अनिवार्य है.

जिलास्तरीय अधिकारियों की जिलाधिकारी के अनुमति बिना छूट्टी पर जाने पर पाबंदी लगाई है. हर तहसील पर संपर्क अधिकारी नियुक्त कर वहां सरकारी योजना का लाभ मिल रहा या नहीं, इसका जायजा लिया जा रहा है. उमरखेड़ में एसडीओ दिपक सिंगला, पुसद में एसडीओ दिपककुमार मिना, घाटंजी में पुनर्वसन उपजिलाधिकारी एस.आर. शिरोड़कर, कलंब में उपजिलाधिकारी एस.सी. पाटिल, मारेगाव में उपजिलाधिकारी एस.एस. फडके, आर्णी में उपजिला चुनावअधिकारी नरेंद्र फुलझेले, दिग्रस में रास्ते प्रकल्प के उपजिलाििधकारी विजय भाकरे, महागाव में जिला आपूर्ति अधिकारी राजेंद्र निफाड़कर, झरीजामणी में अतिरिक्त जिलाधिकारी लक्ष्मण राऊत, यवतमाल और बाभुलगाव में एसडीओ विकास माने, दारव्हा और नेर में एसडीओ मनोहर कडू, वणी में एसडीओ शिवसुंदर मिश्रा, केलापुर एसडीओ संदीपकुमार अपार, रालेगाव में एसडीओ जे.आर.विधाते की नियुक्ति की गई है. इस संवाददाता सम्मेलन में आरडीसी राजेश खवले, जिला सूचना अधिकारी मंगेश वरकड़ उपस्थित थे.