Published On : Tue, Jul 5th, 2016

किशोर दर्डा की एक दिनी पुलिस रिमांड से संतुष्ट नहीं यवतमाल वासी

निष्पक्ष जाँच, कड़ी सजा की माँग

Kishor Darda
नागपुर/यवतमाल:
बीती रात नागपुर के सोनेगांव स्थित एक निजी विश्रामगृह से किशोर दर्डा को गिरफ्तार कर यवतमाल ले आयी पुलिस ने आज उन्हें एक दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरु की दी है। यवतमाल पब्लिक स्कूल में बच्चियों के साथ यौन अत्याचार के मामले में किशोर दर्डा को गिरफ्तार करने का भारी दबाव यवतमाल पुलिस और प्रशासन पर वहाँ के नागरिकों ने बनाया था। पिछले तीन दिनों से यवतमाल के नागरिक किशोर दर्डा की गिरफ्तारी की माँग को लेकर जनांदोलन कर रहे थे, जिस वजह से पूरे शहर में कानून-व्यवस्था की हालत बिगड़ी हुई थी।

चार दिन पहले यवतमाल के यवतमाल पब्लिक स्कूल में प्राइमरी कक्षाओं की छात्राओं के साथ यौन शोषण का मामला उजागर हुआ था। अभिभावकों के जरिए यह खबर पूरे यवतमाल में जंगल में आग की तरह फैल गई। अभिभावकों ने इकट्ठे होकर अपनी बच्चियों के यौन शोषण के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने तुरंत स्कूल के प्रिंसिपल एवं दो शिक्षकों को हिरासत में लेकर मामले की जाँच शुरु की। संतप्त अभिभावकों का मानना था कि स्कूल संचालित करने वाली संस्था जवाहरलाल दर्डा एजुकेशन सोसाइटी के प्रमुख पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बिना इस मामले की जाँच में कोई नतीजा नहीं निकलेगा। अभिभावकों की राय से पुलिस को इत्तफाक नहीं था और उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों को पहली ही बार में क्लीन चिट देने की कोशिश की। यवतमाल पुलिस के इस रवैये ने अभिभावकों में आक्रोश फैला दिया और फिर उनके साथ सारे शहरवासियों का आक्रोश इकट्ठा हो गया।

पिछले तीन दिन से पूरे यवतमाल शहर में तोड़-फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी होती रही। संतप्त नागरिक संस्था के सचिव किशोर दर्डा को गिरफ्तार करने की माँग पर अड़ गए, अंतत: पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना ही पड़ा। बीती रात साढ़े तीन बजे के आसपास नागपुर के सोनेगांव स्थित एक विश्रामगृह से किशोर दर्डा को पुलिस हिरासत में लिया गया। पुलिस उन्हें लेकर यवतामल पहुँची, जहाँ आज ही उन्हें मैजिस्ट्रेट के सामने पेशकर एक दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया। पहले से गिरफ्तार प्रिंसिपल एवं दो अन्य शिक्षकों की पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। माना जा रहा है कि किशोर दर्डा एवं शिक्षकों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने पर मामले का सच पूरी तरह सामने आ पाएगा।

मुख्यमंत्री ने दखल ली
यवतमाल वासियों के आक्रोश और गुस्से की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को हुई तो उन्होंने फोन पर नागरिकों से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की, साथ ही उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जाँच का भरोसा भी नागरिकों को दिया। मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने भी इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मामले की अच्छी तरह जाँच कराए जाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग अपने ट्विटर पोस्ट के जरिए की।

एसआइटी के हवाले जाँच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के आला अधिकारियों ने यवतमाल में पिछले दो दिन से डेरा डाल रखा था। प्रदेश शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव नंदकुमार एवं राज्य महिला आयोग के पदाधिकारी यवतमाल में ही हैं और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यवतमाल पब्लिक स्कूल में यौन शोषण के मामले को पूरी तरह से फाश करने के लिए जाँच एसआइटी के हवाले की गई है। इस जाँच दल में निरीक्षक स्तर की सभी अधिकारी महिलाएं हैं।

मामले को राजनीति से प्रेरित कहा विजय दर्डा ने
इस बीच सांसद एवं जवाहरलाल दर्डा एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष विजय दर्डा ने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया है। अपने अखबार के जरिए उन्होंने इस मामले में खुद के सच के साथ होने की बात कही।