Published On : Mon, Feb 15th, 2021

टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी नहीं दिया गया कार्यादेश

– कभी CMD दौरे का तो कभी सम्बंधित अधिकारी के छुट्टी पर जाने का बहाना बनाया जा रहा

नागपुर/नार्थ वणी – ‘चिराग तले अंधेरा’,एक तरफ नए CMD मनोज कुमार खदान-खदान घूम-घूम कर हकीकत से रु-ब-रु हो रहे ताकि दिया गया कोयला का उत्पादन टार्गेट पूर्ण किया जा सके तो दूसरी तरफ उनके अधीनस्त स्थानीय अधिकारी/कर्मी काम में खुलेआम बाधा डाल नए CMD के मंसूबे पर पानी फेर रहे.वणी नार्थ के उकनी खदान से सम्बंधित 3 कामों का टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद भेदरकर -कोरपड़े न L1 और ही L2 को कार्यादेश दे रहे,इससे WCL का बड़ा नुकसान हो रहा.नए CMD मनोज कुमार से एमओडीआई फाउंडेशन ने इस ओर भी ध्यान देने की गुजारिश कर दोषियों पर कड़क कार्रवाई की मांग की हैं.

याद रहे कि उकनी खदान से सम्बंधित 5000 टन कोयला लोडिंग ( ऑक्शन का कोयला),35000 टन कोयले की इंटरनल ट्रांसपोर्टिंग (खदान से रेलवे साइडिंग) और स्टॉक से कोयला लेकर CHP में अनलोडिंग का टेंडर निकाला गया था,यह काम मात्र 14 दिनों के लिए 50 लाख रूपए का था.इस टेंडर प्रक्रिया में 3 ठेकेदारों ने भाग लिया,जिसमें से कोरबा का एक ठेकेदार और 2 ठेकेदार वणी ( PTC और SK TRANSPORT ) के थे.इनमें से L1 कोरबा के ठेकेदार हुए और L2 SK ट्रांसपोर्ट कंपनी हुई.

इसके बाद WCL ने एक पत्र जारी कर L1 को कुल टेंडर का 75% और L2 को 25% काम देने की जानकारी दी,दोनों ठेकेदार कंपनी ने इसके लिए सहमति पत्र भी दे दी.लेकिन 15 बीत जाने के बाद भी दोनों ठेकेदार कंपनियों को कार्यादेश (WORK ORDER) नहीं दिया गया.

दूसरी ओर कोयला खरीदने वाले अन्य ग्राहकों को इन दिनों अड़चनें बढ़ गई.WCL अपने पुराने ग्राहकों को PC मशीन द्वारा कोयला लोड कर दे रहा,यह PC मशीन आये दिन जवाब दे देने से लोडिंग में बाधाएं आ रही.

इसकी प्रमुख वजह यह हैं कि तबादले के बाद आज भी भेदरकर उसी जगह विराजमान हैं,इस जगह पर नए नियुक्त शिरीष कोरपड़े भी बेदरकर के इशारे पर YES SIR,NO SIR करते देखे जा सकते हैं.बेदरकर की मनमानी से आजतक उक्त टेंडर का WORKORDER जारी न होने से WCL का बड़ा नुकसान हो रहा.WORKORDER जारी करने के सवाल पर भेदरकर -कोरपड़े का शुक्रवार तक यह जवाब था कि नए CMD मनोज कुमार दौरे पर आ रहे,इनके जाने के बाद किसी MEETING का बहाना कर WORKORDER देने में आनाकानी कर रहे.

नए CMD के कद के हिसाब से मामला काफी छोटा हैं,लेकिन याद रहे CMD को मिली उत्पादन का टार्गेट तभी पूरा होगा,जब खदानों की छोटी-छोटी समस्या और समस्या पैदा करने वाले से सख्ती से निपटा जाएगा।अब देखना यह हैं कि नए CMD इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं.