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    Published On : Wed, Sep 17th, 2014
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    वाशिम : आचार संहिता के नाम पर जिला परिषद का कामकाज ठप


    न कर्मचारियों के आने का कोई समय, न जाने का

    विनायक उज्जैनकर

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    वाशिम। 
    चुनावी आचार संहिता लागू होते ही स्थानीय जिला परिषद में कामकाज ठप पड़ गया है. नागरिकों के काम लटके पड़े हैं. आचार संहिता के कारण जिला परिषद
    अध्यक्ष और पदाधिकारियों के अधिकार कम होने का लाभ उठाकर अनेक कर्मचारी और अधिकारी दोपहर के बाद कार्यालय से गायब होने लगे हैं. हर कोई अकोला और
    वाशिम के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने के चक्कर में शाम चार बजे से पहले ही कार्यालय से गायब हो जाते हैं.

    घंटों देरी से आते हैं कार्यालय
    जिला परिषद में अपने काम करवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग हमेशा आते रहते हैं. स्थानीय जिला परिषद में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी और अधिकारी अकोला से आना-जाना करते हैं. अकोला से वाशिम आने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस साढ़े 10-11 बजे वाशिम पहुंचती है. जिला परिषद के दफ्तर का समय दस बजे का होने के बाावजूद कर्मचारी करीब दो घंटे देरी से कार्यालय पहुंचते हैं. उसी तरह वापसी के लिए चार बजे ट्रेन के छूटने से पहले ही कर्मचारी स्टेशन पहुंचने के चक्कर में कार्यालय छोड़ देते हैं. परिणाम, नागरिकों के कोई काम नहीं हो पा रहे हैं.

    जब मर्जी दफ्तर आओ, जब चाहे जाओ
    मुख्य कार्यकारी अधिकारी अथवा पदाधिकारियों का कर्मचारी और अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है. चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण अध्यक्ष और पदाधिकारियों के अधिकारों में कुछ कमी कर दी गई है. कर्मचारी इसका भी फायदा उठा रहे हैं. बिना आवेदन दिए कार्यालय नहीं आना, मर्जी केअनुसार कभी भी दफ्तर से बाहर निकल जाना, जब मन चाहे दफ्तर में आना जैसी हरकतें बढ़ गई हैं. आम लोगों को आचार संहिता का कारण बताकर उनके काम रोक देने का सिलसिला तो खुलेआम चल रहा है. नागरिकों की मांग है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों पर लगाम कसनी चाहिए.

    बायोमैट्रिक मशीन भी बंद पड़ी
    जिला परिषद ने कुछ साल पहले लाखों रुपए खर्च कर बायोमैट्रिक मशीन की खरीदी की थी. ये मशीनें कुछ महीने के बाद ही बंद पड़ गर्इं हैं. इसलिए अब कर्मचारी कब आते हैं और कब जाते हैं, इसका कोई हिसाब नहीं है. नागरिकों की मांग है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एकाध दिन अचानक सभी कार्यालय का निरीक्षण कर गायब कर्मचारियों को पकड़ना चाहिए.

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