Published On : Fri, Nov 22nd, 2019

महिला पुलिस अधिकारी पर हमला करनेवाले ‘ वह ‘ कुत्ते गैंगस्टर शेखु खान के है

नागपूर: फ्लैट में रहनेवाले पुलिस दंपत्ति के साथ आपसी विवाद में एक राजनैतिक पार्टी के व्यक्ति ने पुलिस पर कुत्तो से हमला करवाने का आरोप किया जा रहा है. यह घटना बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन की हद में सामने आयी थी.. इस मामले में जख्मी पुलिस अधिकारी का नाम डिम्पल उर्फ़ शुभांगी राजेंद्र नायडू पवार है. ‘नागपुर टुडे ‘ के सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार हमला करनेवाले कुत्ते यह कुख्यात शेखु गैंग के है ऐसा पता चला है.

एएसआई डिंपल नायडू न्यू मनीष शहर में तीर्थ पैलेस अपार्टमेंट में रहती हैं. वो बेलतरोडी पुलिस स्टेशन में कार्यरत हैं. कांग्रेस के एक स्थानीय पदाधिकारी रजत देशमुख इसी इमारत में रहते हैं, जहाँ पर यह रहते हैं. डिंपल रविवार 17 नवंबर को रात 8:30 बजे घर लौटीं. इसके बाद वो अपने बच्चे (1 वर्ष) को घुमाने के इरादे से नीचे आयी. इस समय, फ्लैट में रहने वाली संजना देशमुख भी नीचे खड़ी थीं. इस समय, उनके पास तीन पालतू कुत्ते थे. इस दौरान उन्होंने कुत्तों को ‘गो शूट गो’ कहा, तो तीनों कुत्तों ने डिंपल पर हमला कर दिया. इस दौरान अपने छोटे बच्चे को बचा रही डिम्पल को कुत्तो ने निचे गिरा दिया. इस बीच, उनके पति राजेंद्र पवार ने डिंपल की चिल्लाने की आवाज सुनी और उनकी सहायता के लिए दौड़ पड़े.

इस दौरान कुत्तों ने राजेंद्र पर भी हमला कर दिया. इस दौरान दोनों ने अपने बच्चे को सुरक्षित रखा. इस पूरे मामले में, नागपुर टुडे ने डिंपल के पड़ोस में रहने वाले रजत देशमुख से संपर्क किया तो उन्होंने आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि सहायक पुलिस उप निरीक्षक डिंपल नायडू झूठ बोल रही है. वे हमेशा छोटे छोटे कारणों से हमारे साथ झगड़ा करती हैं. उन्होंने खुद कुत्ते को लात मारी. इससे कुत्तो ने उनपर हमला किया. उन्होंने बताया की हमने उन्हें कुत्तों से बचाया. उन्होंने कहा की घटना के समय उनके पास बच्ची नहीं थी. घटना के बाद डिंपल ने मीडिया को इस घटना की सच्चाई बताए बिना झूठी जानकारी दी है. देशमुख ने कहा की इन्होने हमारी बदनामी की है. हम इनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, ”देशमुख की जानकारी के मुताबिक, ये कुत्ते मूल रूप से उनके साले विजेंद्र सिंह के दोस्त के है. देशमुख ने कहा, ” यह तीनों कुत्ते बीमार थे और हमने उन्हें घर पर रखा था.” लेकिन उन्होंने कहा कि कुत्ते के मालिक के बारे में उन्हें नहीं पता है. घटना के बारे में अधिक जानकारी के लिए जब बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय तलवार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता डिंपल की शिकायत पर, आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कीहै और कार्रवाई की है. आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक राउत कर रहे हैं.

‘नागपुर टुडे’ के सूत्र के अनुसार, इस घटना में 3 कुत्तों में से दो रॉट व्हीलर नस्ल के हैं, जबकि एक शेफर्ड प्रजाति का है. रॉट व्हीलर बेहद चिड़चिड़ा और आक्रामक होता है. विदेशों में इस कुत्तो को पालने पर प्रतिबंध लगाया गया है. अगर इन कुत्तों को गुस्सा आता है, तो वे अपने मालिक पर जानलेवा हमला भी कर सकते हैं. विदेश में एक मामले में, इस कुत्ते मालिक के साथ परिवार के तीन लोगों की जान ले ली थी. बताया गया है कि कुत्ते मूल रूप से कुख्यात गैंगस्टर गुलामनवाज उर्फ शेखू खान के थे. शेखू खान फिलहाल फिरौती वसूली मामले में मकोका के तहत अपने साथी के साथ जेल में है. गैंगस्टर शेख खान यह कुत्ते उसकी गिरफ्तारी के बाद से अनाथ हो गए हैं और तभी से यह उसके दोस्तों और परिचितों के पास है.

शेखू खान अंबाझरी के किडनेपिंग और फिरौती के मामले में अपने साथी के साथ मकोका में गिरफ्तार है. इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी के मार्गदर्शन में, अपराध शाखा ने शेख गैंग पर लगाम लगाई थी. विशेष क्राइम ब्रांच की टीम ने शेखु को गिरफ्तार करने से पहले, उसके बारे में गोपनीय जानकारी प्राप्त की थी. इसके बाद मनीष नगर के एक बंगले में छापा मारा गया था. उस दौरान भी यही कुत्ते कंपाउंड में खुले घूम रहे थे.इससे पुलिस को छापा मारना बहुत मुश्किल हो गया था. फिर भी, क्राइम ब्रांच ने दूसरे की बिल्डिंग से कूदकर छापा मारा था. शेखू का साथी शिवाला और शेखू की प्रेमिका को एक माउसजर के साथ गिरफ्तार किया गया था. छापेमारी की सूचना मिलने पर शेखु फरार हो गया था. शेखु को क्राइम ब्रांच ने धरमपेठ से गिरफ्तार किया था. तब से गैंगस्टर शेकू के खूंखार कुत्ते अनाथ हो गए हैं, यही वजह है कि वे कुत्ते कभी-कभी दोस्तों, परिचितों, वन्यप्रेमियों के साथ रहते हैं. इन कुत्तों को संभालना बहोत महत्वपूर्ण है. अन्यथा, इन कुत्तों के कारण अन्य घातक घटनाएं हो सकती है.