Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Mon, Mar 8th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    महिलाएं हमारे समाज की बैकबोन है: शत्रुघ्न सिन्हा

    शोभा विनोद स्मृति वीमेन जनर्लिस्ट अवार्ड से महिला पत्रकारों को किया सम्मानित

    नागपुर– सोमवार 8 मार्च महिला दिन के अवसर पर नागपुर के प्रेस क्लब में श्रीमती शोभा विनोद स्मृति वूमेन जनर्लिस्ट ऑफ़ फि ईयर पुरुस्कार से नागपुर की महिला पत्रकारों को सम्मानित किया गया. फिल्मस्टार शत्रुघ्न सिन्हा के हाथों महिला पत्रकारों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर दिग्दर्शक और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी,वरिष्ठ पत्रकार एस.एन.विनोद मौजूद थे. इसके साथ ही प्रमुख अतिथि के तौर पर प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त रूबी श्रीवास्तव, देशबंधु की प्रमुख संपादक सर्वमित्रा सुरजन, पूर्व विधायक आशीष देशमुख, प्रेस क्लब ऑफ़ नागपुर के अध्यक्ष प्रदीप मैत्रये प्रमुखता से उपस्थित थे.

    शोभा विनोद स्मृति वूमेन जर्नलिस्ट ऑफ दी ईयर एबीपी न्यूज़ की सरिता कौशिक को दिया गया. इसके साथ ही पुरस्कार से हितवाद की मेघना देशपांडे, लोकशाही न्यूज़ की कल्पना नलसकर, यूसीएन की मीनाक्षी हेड़ाऊ और डॉ. सिमा अतुल पांडे को सम्मानित किया गया.

    कार्यक्रम में मौजूद अभिनेता और पूर्व मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि विश्व मे महिला दिवस यह बताने के लिए मनाया जाता है कि महिलाएं हमारे सोसाइटी की रीढ़ है. उनको पढ़ाओ और आगे बढ़ाओ.हिंदुस्तान में महिलाओं को बराबरी का दर्जा बहोत बाद में मिला जबकि विदेशों में यह काफी पहले शुरू हो चुका था. उन्होंने यह पुरस्कार पत्रकारों को देने के लिए प्रेस क्लब के पदाधिकारियो को धन्यवाद दिया. इस दौरान उन्होंने एस. एन. विनोद की दुवगंत धर्मपत्नी श्रीमती शोभा जी को भी श्रद्धांजलि दी और एस. एन. विनोद और उनके बेटो के लिए सहानुभूति जताई. उन्होंने महिला दिवस पर आगे संबोधित करते हुए कहा कि माँ के लिए साल में कोई भी दिन छुट्टी नही होती,माँ के बिना संसार नही चल सकता. उन्होंने कहा कि महिलाओं को जो संम्मान और उनकी सराहना जो काफी पहले होनी चाहिए थी, वो काफी बाद में हुआ. शोभा जी के मेमोरियल अवार्ड के दौरान उन्होंने शोभा जी को भी आदरांजलि दी.

    इस दौरान पहलाज निहलानी ने कहा की अगर महिला नहीं तो जीवन की कल्पना नहीं कर सकते. माँ, बहन बेटियों के बिना जीवन नहीं हो सकता. निहलानी ने कहा कि शादी के बाद लड़की के सरनेम को कई बार बदला जाता है. यह काफी खराब है. नाम रखने को लेकर उनको आजादी मिलनी चाहिए. महिलाएं अगर घर का काम न करे तो सोचो क्या होगा. महिलाओ की शक्ति पुरुषों से ज्यादा है. बेटियों से जो प्यार मिलता है वो किसी से नहीं मिल सकता. सभी महिलाओ को अधिकारी मिलना चाहिए.

    प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त रूबी श्रीवास्तव ने इस दौरान कहा की हम है तो हमें अपने आप पर गर्व होना चाहिए. सोसाइटी और घर से बदलाव होना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर आटा खराब होता है तो उससे कुछ भी बनाओ वो खराब ही होगा. उन्होंने कहा की सोच पर ही निर्भर है, अगर हमारी सोच महिलाओ को लेकर जैसी है, इसके बाद इंसान कुछ भी बन जाएं, उसकी सोच वैसे ही रहती है. उन्होंने कहा की गाय खरीदने से पहले जितना देखा नहीं जाता, उतना लड़कियां देखने जाते, उस दौरान देखा जाता है. महिलाओ की भलाई करने के लिए जरुरी नहीं है की वो उसी जेंडर का हो.

    देशबंधु की प्रमुख संपादक सर्वमित्रा सुरजन ने इस कार्यक्रम में कहा की साल में एक दिन हमें महिला दिन होने का अहसास कराया जाता है. वो हमेशा ही कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा की स्त्रियों के पीछे होने का कारण सामाजिक और पारिवारिक कमजोरी है.

    वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप मैत्रेय ने कहा की पहली बार महिला दिवस के अवसर पर पुरस्कार की शुरुवात की गई है. उन्होंने कहा कि माँ के बिना समाज की कल्पना नही की जा सकती.

    हितवाद की मेघना देशपांडे ने कहा की पत्रकारिता जगत में उन्हें 10 से 12 वर्ष हो गए है. यह पहला पुरस्कार है. इस पुरस्कार को पाकर वो काफी खुश है.


    Trending In Nagpur
    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145