
नागपुर – चेक बाउंस के मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला सुजाता मजुमदार को दोषी ठहराते हुए दो माह की साधारण कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने उसे ₹5 लाख की मूल राशि पर चेक की तारीख से लेकर पूरी रकम की वसूली होने तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। यह राशि दो माह के भीतर न्यायालय में जमा करनी होगी। निर्धारित मुआवजा राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैलाश बतरा ने सुजाता मजुमदार के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, बतरा ने आरोपी महिला को ₹5 लाख नकद उधार दिए थे। इस रकम के भुगतान के लिए आरोपी ने उन्हें चेक दिया था।
बतरा ने जब उक्त चेक बैंक में जमा किया, तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद रकम वापस पाने के लिए शिकायतकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए न्यायालय में मामला दायर किया।
मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी करार दिया। अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही शिकायतकर्ता को उसकी रकम ब्याज सहित वापस दिलाने के उद्देश्य से भुगतान का आदेश भी जारी किया।
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश बचवानी ने पैरवी की।



