Published On : Mon, Mar 18th, 2019

गूगल की मदद से शिवसैनिक ने वरिष्ठ नागरिक को मिलाया परिजनों से

नागपुर: आंध्र प्रदेश के 6 माह से गुमशुदा एक 62 वर्षीय बुज़ुर्ग नागपुर में भटक मिले जिन्हें गूगल के सहारे शिवसैनिकों ने उसके परिजनों से सकुशल मिलवाया.

शहर समन्वयक व जिला प्रसिद्धि प्रमुख नितिन तिवारी ने बताया कि 16 मार्च की शाम 8 बजे एक बुजुर्ग व्यक्ति प्रभाग 1, नारा स्थित शिवसैनिक आशीष हाडगे के जनसंसम्पर्क कार्यालय के सामने कुर्सी पर बैठकर रोता दिखाई दिया. इस पर आशीष हाडगे ने उससे पूछताछ की तो उसकी दक्षिण भारत की भाषा होने के कारण सिर्फ इतना समझ पाया कि उसका नाम काशी रेड्डी है व वह आंध्र प्रदेश अनंतपुरम जिले का रहनेवाला है.

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आशीष हाडगे ने गूगल पर अनंतपुरम पुलिस के नियंत्रण कक्ष का नंबर निकाला व आंध्र प्रदेश पोलीस से संपर्क कर उस व्यक्ति से जुड़ी जानकारी माँगी. 15 मिनट के भीतर अनंतपुरम जिले की पुलिस ने आशीष हाडगे को फ़ोन कर यह बताया कि यह व्यक्ति पिछले 6 महीनों से गुमशुदा है और उसके परिजनों ने उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट उसी जिले के “कल्याण दुर्गम मंडल” थाने ने लिखवाई है.

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आशीष हाडगे को आंध्र पोलीस ने उस वृद्ध व्यक्ति के परिजनों का मोबाइल नंबर दिया, जिस पर उसके परिजनों से बात कर हाडगे ने उस व्यक्ति की फ़ोटो व्हाट्सएप्प पर भेजी. गुमशुदा व्यक्ति की पहचान होने के बाद उसके परिजन नागपुर के लिए रवाना हुए. आशीष हाडगे व शिवसैनिको ने उस वृद्ध व्यक्ति को उसी रात खाना खिलाकर जरीपटका पुलिस के सुपुर्द कर पूरी कहानी बताई. जरीपटका पुलिस से अनंतपुरम पुलिस की बात करवाई.

इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शहर समन्वयक व जिला प्रसिद्धि प्रमुख नितिन तिवारी ने उस व्यक्ति को सोमवार 18 मार्च को उसके परिजन (भतीजा) रामा रेड्डी के सुपुर्द किया.

आज शाम 10 बजे की ट्रेन से 6 महीने बाद काशी रेड्डी अपने भतीजे रामा रेड्डी के साथ घर वापसी करेंगे. इस पावन कार्य मे शिवसैनिक आशीष हाडगे सहित महेश ठाकुर ,गणेश सोलंके ,रवि चुरागले,पाण्डुरंग हिवराले,महेश श्रीवास ,निखिल काथवटे व जरिपटका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – पराग पोटे व उनकी टीम का अमूल्य योगदान रहा.

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