Published On : Fri, Dec 14th, 2018

निरुपम पर चलेगा मानहानि का मुक़दमा, वनमंत्री की याचिका मंजूर

Sudhir Mungantiwar

नागपुर: वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार द्वारा मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम के ख़िलाफ़ दाखिल मानहानि का मुक़दमा अदालत ने मंजूर कर लिया है। शुक्रवार को चंद्रपुर जिला अदालत में न्यायधीश कुलकर्णी की बेंच ने मुनगंटीवार का पक्ष सुनने के बाद याचिका को मंजूर कर लिया। यवतमाल जिले के पांढरकवड़ा में अवनि बाघिन को मारने का निर्णय वन विभाग ने लिए था। इस फ़ैसले के खिलाफ अदालत में कई याचिका दाखिल की गई थी अदलात ने सभी याचिकाओं को ख़ारिज कर वन विभाग के आदेश को जारी रखा था। जिसके बाद 10 नवंबर 2018 को संजय निरुपम ने अभिनेत्री रुपाली गांगुली के साथ मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमे उन्होंने मुनगंटीवार के अंतर्राष्ट्रीय वन्य तस्करों से संबंध होने का आरोप लगाते हुए राज्य की वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचने की बात कहीं थी। इसी आरोप के विरोध में मुनगंटीवार ने चंद्रपुर के के प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी के पास आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दाखिल किया है। अब मामला दर्ज होने के बाद क़ानूनी प्रावधान के तहत निरुपम को बेल लेनी पड़ेगी। अदालत में मुनगंटीवार की तरफ से एड कार्तिक शुकुल ने पैरवी की।

मानहानि का मुकदमा दो तरह से दाखिल किया जा सकता है। नागरिक दावा और आपराधिक दावा,मुनगंटीवार ने भारतीय दंड संहिता की कलम 500 के अंतर्गत मामला दाखिल किया है जिसमे 2 वर्ष की सजा का प्रावधान है।

निरुपम का आरोप निम्न दर्जे का – मुनगंटीवार
इस मामले पर नागपुर टुडे से फोन पर हुई बातचीत में वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहाँ कि निरुपम के आरोप निराधार है। राजनीति में ऐसे आरोपों को निम्न दर्जे का माना जाता है। उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे और तथ्यहीन है जो अदालत में भी साबित होंगे।