Published On : Sat, Jun 27th, 2020

नागपुर को पर्यटन हब बनाएंगे : पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत

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 देश का प्रमुख “ऊर्जा शैक्षीक पार्क कोराडी में बनाया जाएगा विश्व स्तरीय बुद्धिस्ट थीम पार्क, बिज़नेस सेंटर और न्यू स्टेडियम प्रस्तावित

नागपुर : देश के केंद्र में और विकास के दृष्टिकोण से नागपुर का कायापलट कर कोराडी में ऊर्जा शैक्षिक पार्क, भव्य हनुमान मूर्ति स्मारक, सेल्फी पॉइंट और तालाब का सौन्दर्यकरण करने का प्रस्ताव हैं। इसी के साथ फुटाला तालाब में बुद्धिस्ट थीम पार्क, यशवंत स्टेडियम परिसर में विश्व स्तरीय अत्याधुनिक न्यू स्टेडियम, वाहन रहित बिज़नेस सेंटर की स्थापना कर देश-विदेश के पर्यटक और नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने का इरादा हैं। इस बात की जानकारी नागपुर जिले के पालकमंत्री और राज्य के ऊर्जामंत्री नितिन राऊत ने दी हैं। वे नागपुर में महावितरण के ‘ऊर्जा अतिथिगृह’ में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा आयोजित एक बैठक में बोल रहे थे।

राऊत ने कहा राज्य के बजट में, उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार ने कोराडी में “ऊर्जा पार्क” परियोजना की घोषणा की थी। उसके अनुसार जमीन, पानी और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता होने से नागपुर के पास कोराडी में ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों और इसका मानव जीवन को होनेवाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए स्कूल-कॉलेज के छात्रों को हसते खेलते शिक्षा मिले, उन्हें ऊर्जा का स्त्रोत वास्तविक परियोजना स्थल पर संभालना आना चाहिए, साथ ही मनोरंजन हो और पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसर निर्माण करना यह ऊर्जा पार्क की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य हैं।

इन प्रस्तावित परियोजनाओं की संगणकीय प्रस्तुति नागपुर के एक प्रसिद्ध वास्तुकार अशोक मोखा द्वारा की गई थी। प्रस्तुति के बाद, पूर्व पालकमंत्री और नागपुर जिले के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री राजेंद्र मूलक, प्रभागीय आयुक्त संजीव कुमार, जिला कलेक्टर रविंद्र ठाकरे, मनपा आयुक्त तुकाराम मूंढे, रमन विज्ञान केंद्र के निदेशक विजय शंकर शर्मा ने सुझाव प्रस्तुत किए। वहीं विडिओ कांफ्रेंसद्वारा प्रधान सचिव (ऊर्जा) दिनेश वाघमारे, अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक महानिर्मिति शैला. ए., महाऊर्जा निदेशक सुभाष डुमरे, नेहरू विज्ञान केंद्र के जितेंद्र कुलकर्णी, अशोक जोगडे एफर्ट प्लैनेटेरियम, रवि बनकर ने भी परियोजना के बारे में अपने विचार और रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए। यह बैठक डॉ.नितिन राऊत के अध्यक्षता में हुई। 

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राऊत ने विश्वास जताते हुए कहा है कि नागपुर से केवल 40 किमी की दूरी पर घना जंगल है। संत्रानगरी के साथ-साथ जिले को टाइगर कैपिटल के रूप में भी जाना जाता है। नागपुर जिला खनिज और वन संसाधनों से समृद्ध है और कोयले की खदानों, गोरेवाड़ा चिड़ियाघर, थर्मल पावर प्लांट्स, आंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मेट्रो, राष्ट्रीय राजमार्ग, मध्य और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यह भाग जुड़ा हुआ है। दीक्षाभूमि, संघ मुख्यालय, ताजबाग, रामटेक जैसे तीर्थ स्थल होने से विदर्भ के विकास का सपना उद्योगों और पर्यटन को स्थापित करने के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। पर्यटन यह सर्वांगीण विकास के लिए विकास का इंजन है, जिससे होटल के विकास के साथ-साथ सेवा उद्योग भी विकसित होंगे। इससे जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होगी। 

इस बैठक में नागपुर डिवीजन के सभी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ महानिर्मिति के मुख्य अभियंता अनंत देवतारे, नासुप्र मुख्य अभियंता सुनील गुजलवार, मेट्रो अधिकारी राजीव एलकवार और हाई पावर कमिटी के अनिल नगरारे, रमाकांत मेश्राम और अनिल खापर्डे विशेष रूप से उपस्थित थे।

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