Published On : Wed, May 22nd, 2019

मेहनतकश मजदूरों की कौन सुने फरियाद!

गोंदियाः बिना सुरक्षा उपकरणों के ऊंची-ऊंची इमारतों पर चढ़कर काम करते है मजदूर

पापी पेट की खातिर खतरों के खिलाड़ी बनकर ऊंची-ऊंची इमारतों पर किसी स्पाइडर मेन की तरह बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के चढ़कर निर्माण कार्य में जुटे कई मजदूर हादसों का शिकार होकर अपनी जान गंवा बैठते है। एैसे मेहनतकश मजदूरों की सुध अब सरकार ने लेनी शुरू कर दी है।
कामगार विभाग व महाराष्ट्र इमारत व भवन निर्माण कल्याण बोर्ड की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए अटल विश्‍वकर्मा सम्मान योजना के तहत विशेष पंजीकरण अभियान 4 जुलाई से 4 अगस्त के दरमियान गोंदिया, चंद्रपुर, हिंगोली, परभणी, नांदेड़, नांदूरबार, धुले, अहमदनगर, कोल्हापूर, सोलापूर, रत्नागिरी, यवतमाल, वाशिम जिले में शुरू किया गया। सरकार का मकसद राज्य के 25 लाख मजदूरों को इस योजना से जोड़ना है।

इसी के तहत 23 जुलाई को गोंदिया जिले की सड़क अर्जुनी व अर्जुनी मोरगांव तहसील में पालकमंत्री राजकुमार बडोले के हस्ते विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान पंचायत समिति तथा गटविकास अधिकारी कार्यालय में आरंभ हुआ। तहसील व ग्राम स्तर के 188 स्थानों पर शिविर आयोजित करते हुए 4 अगस्त तक जिले के 22 हजार 491 बांधकाम कामगारों का मंडल में पंजीयन किया गया। तत्पश्‍चात इस योजना के तहत फिर से पंजीयन शिविर प्रारंभ किए गए। वर्तमान में जिले की 8 तहसीलों के शहरी और ग्र्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लगभग 40 हजार 500 मजदूरों ने अब तक मजदूर श्रमिक कार्ड हेतु पंजीकरण कराया है।

इस योजना में सहभागी होने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरित 18 से 60 वर्ष आयु के मजदूरों को 28 योजनाओं का लाभ दिया जाता है, जिनमें आकस्मिक मृत्यु पर वारसदारों को 5 लाख रूपये की अनुदान सहायता, नैसर्गिक मृत्यु पर 2 लाख की आर्थिक मदद, मजदूर के स्वंय की शादी होने पर उसे 30 हजार की आर्थिक मदद, शैक्षणिक योजना के तहत उनके बच्चों को शिष्यवृत्ति यह कल्याण बोर्ड के माध्यम से दी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता श्रमिक को उसका 90 दिनों या उससे ज्यादा का, किसी ठेकेदार के यहां किए गए सेवा कार्य का प्रमाणपत्र देना होता है। साथ ही शहरी क्षेत्र के लिए न.प. मुख्याधिकारी व ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्रा.पं. के विकास अधिकारी का प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, 3 रंगीन पासपोर्ट फोटो, बैंक पासबुक की सत्यप्रत झेराक्स प्रस्तुत करना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आगामी 5 वर्षों के नुतनीकरण के लिए उसे 60 रूपये देना होता है।


संपूर्ण महाराष्ट्र में सुरक्षा किट का वितरण, गोंदिया जिला अछूता
विभिन्न निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए व्यक्तित्व विकास पुस्तक सेट, पंजीकृत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लगभग 5 हजार मुल्य की सुरक्षा किट निःशुल्क प्रदान करना इस योजना के तहत निश्‍चित किया गया था जिसका लाभ पश्‍चिम महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के अन्य जिलों को मिला है किन्तु गोंदिया जिले के श्रम कल्याण कार्यालय तथा नगर परिषद मुख्याधिकारी व जिला परिषद प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रीयता के कारण आवश्यक सेफ्टी उपकरणों की किट अब तक गोंदिया जिले के 40 हजार 500 मजदूरों को नसीब नहीं हुई है जबकि अन्य जिलों में फरवरी-मार्च माह के इसका वितरण चुका है । अगर यह सुरक्षा उपकरणों की पेटी (किट) समय रहते मजदूरों के हाथों पहुंच जाती तो भंडारा-गोंदिया लोकसभा में इसका लाभ त्तारूढ़ दल को इसका अवश्य मिलता , किन्तु बीजेपी के जिला कार्यकारिणी व स्थानीय पार्टी के 5 विधायकों ने इस दिशा में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखायी, यह विशेष उल्लेखनीय है।


सुरक्षा किट के भीतर कौन-कौन से है उपकरण?
महाराष्ट्र इमारत व भवन निर्माण कल्याण बोर्ड की ओर से अटल विश्‍वकर्मा योजना के तहत इमारत, रोड-रास्ते, रेल्वे, ट्रामवेज, एयरफील्ड, जलाशय, बांध निर्माण, पेटिंग काम, ईटा- मिट्टी बांधकाम, स्विमिंग पूल, तालाब, उद्यान, लिफ्ट, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बिंग, एस्केलेटर, मारबल फर्श के काम, पहाड़ी पत्थर फोड़ने जैसे जोखिम भरे कामों में कार्यरित पंजीकृत कामगारों की सुरक्षा हेतु उन्हेें एक बड़ी स्टील की पेटी दी जाती है, जिसके अंदर आवश्यक सामग्री के रूप में ड्रेस, हेल्मेट, जूते, टिफीन बॉक्स, चार्जेबल टॉर्च, वॉटर बैग, नायलॉन रस्सी के सेफ्टी बेल्ट, लोह हुक, दस्ताने, सुरक्षा जाल, झोला आदि उपयोगी सामान मौजुद है। इस आर्थिक सुरक्षा किट के लाभ से जिले के 40 हजार 500 मजदूर अब तक वंचित है।


नगर सेवक की गुहार पर कामगार मंडल अध्यक्ष ने ली सुध
महाराष्ट्र इमारत व भवन निर्माण कल्याण बोर्ड (मुंबई) के अध्यक्ष ओमप्रकाश (मुन्नाजी) यादव से गोंदिया के प्रभाग क्र. 14 के नगरसेवक तथा बसपा के युवा नेता लोकेश (कल्लू) यादव ने प्रत्यक्ष भेंट करते हुए उन्हें 21 मई को ज्ञापन सौंपा। दिए प्रतिवेदन में कहा गया है कि, गोंदिया जिले के श्रम कल्याण कार्यालय तथा नगर परिषद मुख्याधिकारी व जिला परिषद प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रीयता की वजह से अब तक जिले के 40 हजार 500 पंजीकृत मजदूर आवश्यक औजारों की सुरक्षा किट से वंचित है जिसपर मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव ने तत्परता दिखाते हुए संबधित अधिकारियों से दूरभाष पर जवाब तलब किया। जिसके बाद अब यह निश्‍चित किया गया है कि, 23 मई को आदर्श आचार संहिता समाप्ती पश्‍चात एक भव्य शिविर गोंदिया शहर में लेकर आवश्यक औजारों की किट प्रदान की जायेगी।

– रवि आर्य