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    Published On : Fri, Nov 6th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    50 रेक कोयला डिस्पैच कर वेकोलि ने इतिहास रचा


    कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की अनुषंगी कम्पनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) ने 5 नवम्बर को एक दिन में 50 रेक कोयला लोड और डिस्पैच कर इतिहास रच डाला.कोविड-19 की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद,कम्पनी की अब तक की यह सर्वोच्च उपलब्धि है. रेल और सड़क-मार्ग से एक दिन में अब तक का सर्वाधिक 2.46 लाख टन कोयला प्रेषण का भी रिकार्ड बना.

    ‘मिशन 100 दिन’ योजना के तहत कम्पनी ने सितम्बर 2020 के प्रारम्भ में , एक दिन में 50 रेक कोयला डिस्पैच का लक्ष्य रखा था,जिसे 100 दिन के अंदर दिसम्बर 2020 के अंत तक पूरा किया जाना था.हालाँकि,टीम वेकोलि की लगन और मेहनत के बल पर कम्पनी ने सिर्फ़ 50 दिनों में ही 50 रेक कोयला-प्रेषण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया.

    कोविड-19 संक्रमण के कारण,अप्रैल,मई और जून 2020 में लॉकडाउन की वज़ह से रेक द्वारा एक दिन में कम्पनी का कोयला -डिस्पैच 15-18 रेक और प्रतिदिन कुल प्रेषण घट कर 80000 टन रह गया था.प्रदेश विद्युत् गृहों और अन्य उपभोक्ताओं की कम मांग के कारण यह स्थिति पैदा हुई थी.इससे उबरने के लिए कम्पनी ने अपनी तैयारी जारी रखी कि कोयले की मांग फिर तेजी से बढ़ेगी .इसलिए “मिशन 100 दिन ” के अंतर्गत प्रेषण बढ़ाने हेतु अपनी सारी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया. एक मुहिम के तहत, वेकोलि ने प्रदेश विद्युत् गृहों तथा मध्य ,पश्चिम और दक्षिण भारत के अन्य उपभोक्ताओं को काफी सस्ती दर पर अदला-बदली के अंतर्गत,अतिरिक्त कोयला ऑफर किया ,जो वर्तमान लिंकेज के तहत पूर्वी भारत स्थित कम्पनियों से कोयला ले रहे थे.सभी प्रदेश विद्युत् ताप संयंत्रों ने इसे अच्छी तरह स्वीकार किया और अगस्त,2020 तक कम्पनी को 20-25 मिलियन टन कोयले की अतिरिक्त मांग प्राप्त हुई.रेक और सड़क-मार्ग से कोयले की अतिरिक्त मांग को देखते हुए ,अपनी क्षमता का आकलन करने हेतु कम्पनी ने 50 रेक कोयला-प्रेषण का लक्ष्य रखा था.

    “रेल-कोल सहयोग” के साथ मुख्यतः मध्य रेलवे तथा दक्षिण पूर्व एवं दक्षिण मध्य रेलवे के अधिकारियों के साथ कम्पनी के सभी क्षेत्रों ने बेहतर समन्वय कर इसे अंजाम दिया.50 रेक और इससे भी आगे के इस अनपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति में भारतीय रेलवे का सहयोग और हरसम्भव सहायता लगातार प्राप्त हो रहा है.50 रेक कोयला-प्रेषण में 42 रेक मध्य रेलवे,तथा 6 और 2 रेक के रूप में क्रमशः एसईसीआर और एससीआर का योगदान रहा.

    सिर्फ़ 50 दिन में प्राप्त इस उपलब्धि के बाद दिसम्बर 2020 के अंत तक कम्पनी ने अब एक दिन में 65 रेक और 3 लाख टन कोयला डिस्पैच का लक्ष्य रखा है.कम्पनी की यह कोशिश 2019-20 के दौरान औसत 25 रेक प्रतिदिन लोडिंग भविष्य में बढ़ कर 40 रेक तक पहुंचने में मदद करेगी.

    उल्लेखनीय है कि गुजरात,कर्नाटक,मध्यप्रदेश के प्रदेश विद्युत् ताप गृहों तथा एनटीपीसी एवं स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से भी कोयले की मांग में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी हुई है.सस्ती लैंडेड मूल्य पर कोयला उपलब्ध होने के कारण ये उपभोक्ता वेकोलि की और आकर्षित हो रहे हैं.उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि के साथ ,2020-21 के दौरान और उसके आगे भी कोयला-प्रेषण में वेकोलि सतत विकास करता रहेगा.

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