Published On : Sat, Mar 28th, 2020

कोरोनावायरस से राष्ट्र की जंग में वेकोलि का ऊर्जा-योगदान

कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कम्पनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) भी कोरोना-संकट के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय-ज़ंग में कंधे से कंधा मिलाकर अपनी भूमिका बख़ूबी निभा रही है. कम्पनी के श्रमवीर भूमिगत तथा खुली खदानों में रात-दिन कोयला-उत्पादन और प्रेषण में लगे हैं, ताकि वेकोलि से जुड़े विद्युत् संयंत्रों को पर्याप्त कोयला आपूर्ति जारी रहे. राष्ट्रीय आपदा के इस वर्तमान दौर में जब पूरा देश लॉकडाउन है और अस्पताल, उनकी प्रयोगशालाएं रात-दिन काम कर रही हैं, आम जनता तक दैनंदिन जरूरत की चीजें पहुंचाने के लिए रेलवे को मालगाड़ियों का परिचालन सुनिश्चित करना है, देश में पानी-बिजली की आपूर्ति बदस्तूर जारी रहे-इन सब के लिए ऊर्जा-इंधन कोयला की सतत आवश्यकता के आलोक में, टीम वेकोलि के कर्मियों ने भी कोयला-उत्पादन को उल्लेखनीय स्तर पर पहुंचा दिया.

27 मार्च, 2020 को टीम वेकोलि के 42000 कर्मवीरों ने एक दिन में अब तक का सर्वाधिक, 4.29 लाख टन कोयला-उत्पादन किया. गत 30 मार्च 2019 को वेकोलि ने एक दिन में सर्वाधिक 4.02 लाख टन कोयला-उत्पादन किया था. कम्पनी ने 20 मार्च को ही पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान 53.18 मिलियन टन उत्पादन का रिकार्ड तोड़ दिया. अब वेकोलि 2019-20 के अपने वार्षिक लक्ष्य 56 मिलियन टन को आसानी से पार करने की दिशा में अग्रसर है. कम्पनी ने 2018 -19 के वार्षिक लक्ष्य से 15 % अधिक वृद्धि दर्ज़ कर चुकी है.


वेकोलि अपने उत्पादन का 80 % कोयला मध्य, पश्चिम तथा दक्षिण भारत के विद्युत् संयंत्रों को आपूर्ति करता है, इसके बड़े उपभोक्ता महाजेनको सहित मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, तथा हरियाणा के विद्युत् संयंत्र है. अन्य उपभोक्ताओं में एनटीपीसी एवं इस क्षेत्र के अन्य निजी बिजली-घर शामिल हैं. वेकोलि उपरोक्त सभी विद्युत् संयंत्रों को पर्याप्त कोयला-भंडार उपलब्ध करवाने में सफल रही है. वर्तमान संकट के दौर में भी रेल था सडक-मार्ग से 1. 5 लाख टन कोयला प्रतिदिन प्रेषित कर रही है, राष्ट्र की उर्जा-जरूरतें पूरी होती रहें.

वेकोलि महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश राज्यों में स्थित अपने 10 क्षेत्रों की 55 खदानों से कोयला-उत्पादन करती है. कोरोनावायरस की आपदा के दौरान,कम्पनी-कर्मियों को सुरक्षित कार्य-स्थल उपलब्ध करवाने के लिए कम्पनी द्वारा सभी एहतियाती कदम उठाये गये हैं. करीब 25000 मास्क कर्मियों को बांटे गये हैं तथा 10000 और उपलब्ध करवाए जायेंगे. 10000 रुमाल या स्कार्फ भी दिए गये हैं. हर खदान में हैंड वाश दिए गये हैं और जहां भी संभव है, दो कर्मियों के बीच निश्चित दूरी रखी जा रही है. छोटी-बड़ी खनन- मशीनों / उपकरणों को सैनिटाईज किया जा रहा है.

एक जिम्मेवार सार्वजनिक उपक्रम के रूप में वेकोलि ने महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश के अपने क्षेत्रो के 10 विभिन्न अस्पतालों में 75 बेड तैयार किये हैं, जिनका उपयोग कोरोना के संदिग्ध मरीजों के इलाज़ के लिए किया जा सकेगा. डाक्टर्स, नर्सेज तथा पारा-मेडिकल स्टाफ़ को किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए एलर्ट पर रखा गया है. कम्पनी- मुख्यालय में एक टास्क-फ़ोर्स गठित किया गया है. सभी क्षेत्रों में क्षेत्रीय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा सम्बंधितगतिविधियों की निगरानी की जा रही है. तथा सभी स्थानों पर कोरोना से बचाव के लिए लगातार जागरूकता फैलायी जा रही है.