Published On : Wed, Jun 2nd, 2021

KKSS के आक्षेप पर WCL को पक्ष रखने का मिला निर्देश

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– इंटक से संलग्न इस यूनियन ने श्रम मंत्री से गुजारिश की थी कि राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 में इंटक को प्रतिनिधित्व देने की मांग पर सहायक श्रम आयुक्त (मध्य) ने 3 जून को दोनों पक्षों को आमंत्रित किया

नागपुर : राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 के लिए गठित होने वाली समिति में इंटक को प्रतिनिधित्व देने सम्बन्धी कोयला खदान श्रमिक संघ(KKSS) ने गत माह केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री को पत्र लिख मांग की थी,KKSS द्वारा दिए गए तर्क के मद्देनज़र मंत्रालय के निर्देश पर नागपुर स्थित सहायक श्रम आयुक्त देवेंद्र कुमार राम ने WCL के CMD को आगामी 3 जून 2021 को उनके कार्यालय में उक्त प्रकरण को लेकर उनका पक्ष रखने का निर्देश दिया,इस बैठक में KKSS प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया हैं.

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KKSS (INTUC) के महामंत्री घनश्याम प्रसाद दुबे द्वारा केंद्रीय श्रम मंत्रालय को लिखे गए पत्र के अनुसार राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-10 की समयसीमा 30 जून 2021 को समाप्त होने जा रही हैं,इसके साथ ही राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 आगामी 1 जुलाई 2021 से लागु होगी।उसकी गठन की प्रक्रिया केंद्रीय श्रम मंत्रालय के निर्देश पर कोल् इंडिया (CIL),आंध्रपदेश की सिंगरेनी कोल् कंपनी(Singareni Collieries Company Limited) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चूका हैं.

KKSS पिछले 40 वर्षों से कोयला क्षेत्र में मजदुर हित में सक्रिय हैं,इनके सदस्यों की संख्या 40% हैं,इसके अलावा कोयला क्षेत्र में 4 अन्य संघठन सक्रिय हैं,जिनकी कुल सदस्यों की संख्या 60% हैं। पत्र द्वारा INTUC से संलग्न श्रमिक संगठनों का कोल् इंडिया व सहायक कंपनियों में सक्रियता सम्बन्धी ब्यौरा दिया गया.अर्थात राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 के गठन के दौरान INTUC को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता हैं.इसके बावजूद 10 से 15 % कामगारों का संचलन करने वाली अन्य संघठनों को आमंत्रित किया जाना INTUC के साथ अन्याय होगा।

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उल्लेखनीय यह हैं कि राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 1 से लेकर 9 तक INTUC की भागीदारी रही,सभी समझौते के लिए गठित समितियों में INTUC के 6 प्रमुख और 6 पर्यायी प्रतिनिधि शामिल रहे हैं.

KKSS ने श्रम मंत्रालय से मांग की कि जब तक सुको और दिल्ली उच्च न्यायालय का INTUC का अंतर्गत विवाद पर फैसला नहीं आ जाता,तब तक INTUC के तीनों गुट(तिवारी,रेड्डी व दुबे ) के 2-2 प्रमुख और 2-2 पर्यायी प्रतिनिधियों को वेतन समझौते के लिए गठित होने वाली समिति में स्थान दिया जाए.इससे वेतन समझौते का सकारात्मक उद्देश्य को शत-प्रतिशत सफलता मिलेगी।

KKSS ने यह भी शंका जताई कि वेतन समझौता-10 में इंटक को शामिल न करने से समझौते में कई खामियां नज़र आई,जिससे मजदुर वर्ग में रोष है.KKSS की मांग हैं कि उन खामियों की पुनरावृत्ति न हो और साथ ही साथ उक्त समितियों में प्रतिनिधित्व भी मिले।

उक्त पत्र को केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए नागपुर स्थित केंद्रीय सहायक श्रम आयुक्त देवेंद्र कुमार राम को निर्देश दिया कि वे WCL और KKSS की संयुक्त बैठक लेकर उनका मत/पक्ष रखने का निर्देश दें,इसी के मद्देनज़र आगामी 3 जून 2021 को संयुक्त बैठक आयोजित की गई हैं.

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