Published On : Thu, Oct 29th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

WCL RTI खुलासा: नशे पर रोक के लिए जांच समिति नहीं

WCL की कार्यप्रणाली पर सवाल: यूनिफॉर्म के लिए ₹12,500 एडवांस, लेकिन नशे और धूम्रपान पर रोक लगाने के लिए जांच समिति तक नहीं!
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नागपुर: वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के नागपुर स्थित मुख्यालय में नियमों के पालन और उनके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर कर्मचारियों को यूनिफॉर्म के लिए सालाना ₹12,500 एडवांस देने का प्रावधान है, वहीं दूसरी ओर कार्यालय परिसर में धूम्रपान, शराब, गुटखा और पान मसाला के इस्तेमाल पर रोक सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय में कोई जांच दल, समिति या उड़नदस्ता नियुक्त नहीं है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले आधिकारिक जवाब से यह खुलासा हुआ है।

नागपुर निवासी राजीव रंजन कुशवाहा ने 3 सितंबर 2026 को RTI आवेदन (पत्र क्रमांक: वेकोलि/जआ/सुकाअ/2026/6719) दाखिल किया था। इसके जवाब में WCL के औद्योगिक संबंध विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों ने कंपनी के नियमों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं।

RTI में पांच सवाल, WCL के जवाब से सामने आई स्थिति
WCL के वरिष्ठ प्रबंधक (मा.सं./औ.सं./SE) की 16 सितंबर 2026 की नोटिंग (संख्या: वेकोलि/औ.सं./2026/346) के आधार पर जवाब तैयार किया गया और 17 सितंबर को जन सूचना अधिकारी को भेजा गया।

RTI में पूछे गए पांच प्रमुख सवालों पर WCL ने निम्नलिखित जानकारी दी:

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1. यूनिफॉर्म से संबंधित SOP/GR: WCL ने कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) का संशोधित आदेश उपलब्ध कराया।

2. कार्यालय और खदान परिसर में नशे पर प्रतिबंध: प्रबंधन ने बताया कि यह प्रतिबंध कंपनी के प्रमाणित स्थायी आदेश (Standing Order) के अंतर्गत आता है, जो वेबसाइट पर उपलब्ध है।

3. नियमों के उल्लंघन पर दंड: WCL के अनुसार, कार्रवाई का प्रावधान भी स्थायी आदेश में मौजूद है।

4. निगरानी और जांच समिति: RTI के जवाब में प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में WCL मुख्यालय, नागपुर में कोई जांच दल, समिति या उड़नदस्ता नियुक्त नहीं किया गया है।

5. सालाना जांच और दंडात्मक कार्रवाई का विवरण: जांच समिति या दल की नियुक्ति नहीं होने के कारण इस संबंध में मांगा गया कार्रवाई का विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

इस जवाब का सबसे अहम पहलू यह है कि नियमों और दंडात्मक प्रावधानों के मौजूद होने के बावजूद उनके पालन की निगरानी के लिए मुख्यालय में कोई विशेष जांच व्यवस्था नियुक्त नहीं होने की बात सामने आई है।

कोल इंडिया का नया ड्रेस कोड: सालाना ₹12,500 एडवांस
RTI के साथ संलग्न कोल इंडिया लिमिटेड का कार्यालय ज्ञापन (CIL/C-5B/JBCCI-XI/Uniform Dress-Code/20), दिनांक 28 अप्रैल 2026, यूनिफॉर्म संबंधी संशोधित व्यवस्था की जानकारी देता है।

कोल इंडिया के 490वें बोर्ड बैठक के बाद पुराने 6 जून 2025 के आदेश में संशोधन किया गया।

संशोधित व्यवस्था के प्रमुख बिंदु:

यूनिफॉर्म के लिए एडवांस: प्रत्येक कर्मचारी को साल में तीन जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए ₹12,500 दिए जाने का प्रावधान।

बिल जमा करने की समयसीमा: पहले एक महीने के भीतर बिल जमा करना होता था। अब GST बिल दो महीने के भीतर जमा करना होगा।

बिल जमा नहीं करने पर: निर्धारित समयसीमा में बिल प्रस्तुत नहीं करने पर राशि वेतन से वसूलने का प्रावधान है।

सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी: उन्हें दो महीने के भीतर या अंतिम वेतन जारी होने से पहले, जो भी पहले हो, बिल जमा करना होगा।

कैसा होगा नया ड्रेस कोड?
संशोधित आदेश के Annexure-A के अनुसार यूनिफॉर्म का स्वरूप इस प्रकार है:

पुरुष कर्मचारी

तीन ग्रे फॉर्मल शर्ट।

तीन काली फॉर्मल पैंट।

महिला कर्मचारी
तीन विकल्पों में से अपनी पसंद के अनुसार यूनिफॉर्म चुनने की व्यवस्था है:

ग्रे/मैरून शर्ट के साथ काली पैंट।

ग्रे/मैरून कुर्ता, काली सलवार और दुपट्टा।

ग्रे/मैरून साड़ी के साथ काला ब्लाउज।

महिला कर्मचारियों को निर्धारित विकल्पों के अनुसार कम से कम तीन जोड़ी यूनिफॉर्म रखनी होगी।

निर्धारित रंग कोड: ग्रे — PMS 444, मैरून — PMS 209 और ब्लैक — PMS 426।

कागजों पर नियम, जमीन पर पालन को लेकर सवाल
यूनिफॉर्म और नशामुक्त कार्यस्थल से संबंधित आदेशों के बावजूद उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, नागपुर मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रीय मुख्यालयों में निर्धारित यूनिफॉर्म नहीं पहनने वाले कर्मचारी भी कार्यालय आते-जाते दिखाई देते हैं। वहीं, कार्यालय के कुछ कक्षों में खुलेआम धूम्रपान किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।

यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कंपनी के पास नियम और दंडात्मक प्रावधान पहले से मौजूद हैं, तो उनका पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

विशेष रूप से, कार्यालय परिसर में धूम्रपान और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किसी जांच दल या उड़नदस्ते की नियुक्ति नहीं होने का आधिकारिक जवाब प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।

CMD और सतर्कता विभाग की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में अब कई सवालों के जवाब अपेक्षित हैं:

क्या WCL मुख्यालय में यूनिफॉर्म संबंधी नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है?

धूम्रपान और नशे से संबंधित प्रतिबंधों के उल्लंघन की शिकायतों पर कार्रवाई की निगरानी कौन करता है?

जब नियमों में दंड का प्रावधान है, तो उनकी प्रभावी निगरानी के लिए विशेष जांच व्यवस्था क्यों नियुक्त नहीं की गई?

क्या CMD इस मामले की समीक्षा कर मुख्यालय में नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट करेंगे?

क्या मामले के तथ्यों के आधार पर सतर्कता विभाग या अन्य सक्षम प्राधिकारी को जांच की आवश्यकता पर विचार करना चाहिए?

अब प्रबंधन की जवाबदेही की बारी
RTI से मिली जानकारी ने WCL मुख्यालय में नियमों के अस्तित्व और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के बीच अंतर को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, जांच समिति की नियुक्ति नहीं होने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि कोई कार्रवाई कभी हुई ही नहीं; इस संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति की अलग से जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि WCL प्रबंधन यूनिफॉर्म संबंधी नियमों और धूम्रपान एवं नशे पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए क्या कदम उठाता है। क्या मुख्यालय में अनुशासित और धूम्रपान-मुक्त कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी, या इन सवालों के जवाब केवल कागजी आदेशों तक सीमित रहेंगे?

RTI से सामने आए तथ्यों के बाद WCL प्रबंधन की पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के समान क्रियान्वयन पर निगाहें टिकी हैं।

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