Editor in Chief : S.N.Vinod    |    Executive Editor : Sunita Mudaliar
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Published On : Sat, Jul 21st, 2018

2829.28 करोड़ के कर्ज में डूबी डब्ल्यू सी एल कौन सा कीर्तिमान रचेगी? क्या छिपा रहे हैं सीएमडी?

नागपुर: राष्ट्रीय कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से हाल ही में अपने सभी उपक्रमों के वार्षिक प्रदर्शन की सूची जारी की गई थी। इस सूची में प्रदर्शन के हिसाब से डब्ल्यूसीएल यानी वेस्टर्न कोलफील्ड्स को सबसे कमतर आंका गया था। कोल् इंडिया के अनुसार डब्ल्यूसीएल ने सबसे घटिया प्रदर्शन किया है।

इसके अनेक कारणों में से एक कारण यह भी था कि डब्ल्यूसीएल पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में शनिवार को डब्ल्यूसीएल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव रंजन मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए मिशन 2.0 की घोषणा की है । ऐसे में सवाल यह उठता है कि 1700 करोड़ रुपए से ऊपर का घाटा खाने और 2800 करोड़ रुपए से ज्यादा के कुुुल कर्ज के साथ डब्ल्यू सी एल कौन सा नया कीर्तिमान स्थापित करने जाा रही है।

वेकोलि सबसे कमजोर आंकी गई.क्यूंकि वेकोलि में अनियमितता और भ्रष्टाचार सिर चढ़ कर बोल रहा हैं.वेकोलि का वर्ष २०१७-१८ का अंकेक्षण रिपोर्ट इसका जीता जगता सबूत हैं.प्रबंधन की अक्षमता के कारण वेकोलि खोखली हो चुकी हैं,जिसे छिपाने के साथ ही साथ इसके सर्वेसर्वा को कोल् इंडिया का अध्यक्ष बनने की लालसा के कारण बढ़ा-चढ़ा कर खुद की पीठ थपथपाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा.

वेकोलि की बैलेंसशीट के अनुसार 2829.28 करोड़ का घाटा दर्शाया गया. 2017 में यह घाटा 1775.52 करोड़ दर्शाया गया था.इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि पिछले एक आर्थिक वर्ष में लगभग 1100 करोड़ घाटे में इजाफा हुआ हैं. साफ़ जाहिर हैं कि वेकोलि मृत उद्योग की श्रेणी में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए मुहाने पर खड़ा हैं.वजह साफ़ हैं कि यवतमाल,चंद्रपुर सह अन्य कोयला खदानों में खुलेआम कोयला चोरी रही है.इस अवैध कृत में खदान प्रबंधक से लेकर कोल मंत्रालय तक की आर्थिक भागेदारी किसी से छुपी नहीं हैं.

सूत्र बतलाते हैं कि पिछले आर्थिक वर्षो में घाटे में दौड़ रही वेकोलि को वर्त्तमान परिस्थिति संभालने के लिए सैकड़ों करोड़ कर्ज भी लेनी पड़ी.कड़वा सत्य तो यह हैं कि वर्त्तमान में वेकोलि को आय से कई गुणा अधिक देनदारी की राशि चुकानी हैं.जिसे चुकाने के नाम पर कछुआ गति से फाइल एक टेबल दूसरे टेबल सरकाई जा रही हैं.

उल्लेखनीय यह हैं कि वेकोलि के कुछ खदानों को बंद करने हेतु डीजीएमएस ने आदेश जारी करने के बावजूद शुरू रख दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं.

इतना ही नहीं वेकोलि की प्रत्येक खदान से लेकर मुख्य सतर्कता अधिकारी तक धांधलियों में लिप्त हैं.जबकि मुख्य सतर्कता अधिकारी को वेकोलि में अनियमितता रोकने सम्बन्धी कामों के लिए तैनात किया जाता हैं.लेकिन वेकोलि प्रमुख और मुख्य सतर्कता अधिकारी के मधुर सम्बन्ध के कारण प्रत्येक आर्थिक धांधलियों को सिरे से दफनाया जा रहा हैं.

मुख्यालय के सूत्रों कि माने तो विगत माह सीबीआई द्वारा मांगी गई जानकारी देने भी निरंतर आनाकानी का मामला प्रकाश में आया हैं.कोल् इंडिया की सभी इकाइयों का पिछले वर्ष का परफॉर्मेंस रिकॉर्ड जारी किया गया,जिसमें नीचे वेकोलि का क्रमांक था.

– राजीव रंजन कुशवाहा

Bebaak
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