Published On : Sat, May 9th, 2015

अंजनगांव सुर्जी : बोराला में दो दिन बाद जलापूर्ति


प्रत्यक्ष काम को शुरुवात, अनशन छुडा

08 Jalapurti
अंजनगांव सुर्जी (अमरावती)।  बोराला वासियों को दो दिन बाद जलापूर्ति करने के आश्वासन और प्रत्यक्ष काम की शुरुवात से ही नागरिकों ने आमरण अनशन पीछे लिया. पूर्व जिप सभापति बलवंत वानखडे तथा पंस समिति के उपसभापति नितीन पटेल के हाथों निंबू शरबत पिलाकर अनशन छोड़ा गया. जलापूर्ति के लिए बोराला वासियों ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यालय के सामने अनशन शुरु कर दिया था.

चार वर्षों से समस्या
तहसील के बोराला वासियों को गत चार वर्षों से मजिप्रा के जल व्यवस्थापन में दोष रहने से पेयजल की समस्या का सामना करना पडता था. जलवाहिनी को दबाव नहीं मिलने के कारण ग्राहकों के नल को पानी नहीं था जिसके लिए कई बार आंदोलन किये, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा. किंतु इस बार भूमिहीन शेतमजदूर संगठन के प्रेमदास तायडे, आरपीआय के तेज अभ्यंकर, तात्या तायडे, प्रमोद कुकडे, राजेश मोरे, कुलदिप कुकडे ने आमरण अनशन शुरु कर दिया. अनशन की दखल लेते हुए आखिरकार मजिप्रा के अधिकारियों को भी झूकना पडा और उन्होंने तीन क्षेत्र में बोराला गांव की पानी व्यवस्था सुचारु करने का आश्वासन ही नहीं बल्कि कार्रवाई भी शुरु कर दी.

इस समय उपविभागीय अभियंता नागेकर, मंगल ठाकुर, ज्ञानेश्वर पातोंड, सुनील चिकटे, गजानन सरोदे, धनराज सरोदे, उमेश टोले, शिवदास चिकटे, गजानन काले, उमेश वरखेडे, दिनेश सरोदे, विजय कुकडे, दुर्याधन तायडे आदि उपस्थित थे.