Published On : Tue, Nov 11th, 2014

उमरखेड़ : क्या वर्धा-नांदेड़ दोहरी रेल लाइन को दिशा मिलेगी ?


पुसद-उमरखेड-हडगाँव वासियों को भाजपा सरकार से अपेक्षा

उमरखेड़ (यवतमाल)। गत 10 वर्षों पूर्व केन्द्र सरकार द्वारा वर्धा-नांदेड़ दोहरी रेल लाइन प्रस्तावित है. वर्धा-यवतमाल तक ब्रिटिश कालीन ‘शकुन्तला’ दौड़ रही थी, परन्तु सिंगल लाइन होने से कम फेरियां ही लगाई जा रही थीं. इसी के मद्देनज़र कांग्रेस के शासन काल में दोहरी रेलवे ट्रैक में समाविष्ट करने व विदर्भ के उपेक्षित भागों को विकासात्मक गति प्रदान करने वर्धा-नांदेड़ जोड़ रेल ट्रैक बिछाने सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया था. जिसका नक्शा भी तैयार किया जा चुका है. साथ ही तीन बार इसका सर्वे भी किया जा चुका है.  उसी कारण पुसद-उमरखेड-हडगाँव तालुका की जनता भाजपा सरकार से दोहरी लाइन बिछाये जाने की अपेक्षा कर रही है.

लोह मार्ग का सर्वेक्षण वर्धा-यवतमाल, दारव्ह-पुसद, उमरखेड़-हदगांव-नांदेड़ होते हुए उमरखेड से पोफळी-मरसुल (कुपटी) से जोड़ मार्ग बनाने पर कुछ किसानों की ज़मीनें अधिग्रहीत की जनि है. तत्सम्बन्धी सर्वेक्षण में उक्त किसानों का पूर्ण विवरण दी गई है. इन क्षेत्रों के किसानों ने राहत मिलने की आस लगाये हुए ताक रहे हैं. अब भाजपा सरकार के सत्ता में काबिज हो जाने से नए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ विधायक राजेंद्र नजरधने से अपेक्षा कर रहे हैं कि निकट भविष्य में किसानों को दोहरी लाइन के मार्फ़त नई दिशा शीघ्र मिलेगी.

Train Track

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