Published On : Wed, Sep 29th, 2021

वीआरएएस ने ‘नागपुर करार’ की प्रतियां जलाई

-मांगों को लेकर नारे लगाए, सरकार का ध्‍यान आकर्षित किया

नागपुर: विदर्भ राज्य आंदोलन समिति (वीआरएएस) कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अलग विदर्भ राज्य के गठन सहित ईंधन के दामों में कटौती और अन्य विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार दोपहर को शहीद चौक इतवारी स्थित विदर्भ चंडिका मंदिर के सामने ‘नागपुर करार’ की प्रतियां जलाई.

मांगों के समर्थन में नारे लगाने वाले कार्यकर्ताओं का नेतृत्व समिति के मुख्य संयोजक राम नेवले, मुकेश मसुरकर, तात्यासाहेब माटे, रेखा निमजे और सुनीता येरने ने किया. नेवले ने नागरिकों और कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि सरकार के विरोध में और अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर आवाज़ उठाएं और इस तरह के आंदोलन पूरे विदर्भ में आयोजित करें.

वीआरएस नेता मासूरकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए. ज्योति खांडेकर, वीना भोयर, गुलाबराव ढांडे, नरेश निमजे, गणेश शर्मा, प्रशांत तगड़े, राजेंद्र सताई, चंद्रशेखर बडकुले, प्रदीप देशपांडे, शोभा येवले, सुभाष चौधरी और अन्य वीआरएस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया.

केंद्र ने पूरा नहीं किया स्वतंत्र विदर्भ राज्य गठन का आश्वासन:
सभा को संबोधित करते हुए नेवले ने कहा कि केंद्र सरकार को अलग विदर्भ के आश्वासन को पूरा करना चाहिए. उन्होंने लोगों से किए वादों को पूरा न करने के लिए केंद्र में भाजपा सरकार की तीव्र आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी महाराष्ट्र के नेताओं ने सिंचाई परियोजनाओं और सड़क निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर विदर्भ के धन का इस्तेमाल किया और यहां से वन संपदा, खनिज और मूल्यवान चीजों का दोहन किया और कर रहे है.