Published On : Wed, Oct 3rd, 2018

वीडियो: VNIT कॉलेज मे छात्रों का असहयोग आन्दोलन शुरू

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नागपुर: बुधवार की रात विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्था (VNIT), नागपुर ने छात्रों ने पिछले हफ्ते छात्रावास में भोजन करने के बाद 150 से ज्यादा छात्रों को खाद्य विषाक्तता से पीड़ित होने के बाद बुधवार को नई लड़कियों के छात्रावास के पास एक असहयोग आन्दोलन शुरू कर दिया है। बीमार पड़ने वाले छात्रों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था जो अब स्थिर रूप से स्थिर हैं।

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नागपुर टुडे से बात करते हुए छात्रों ने कहा कि वे उन लोगों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं जो कई सालों से काम कर रहे हैं लेकिन अच्छी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि इन लोगों को बदला जाना चाहिए और बेहतर सेवाओं के लिए नई टीम को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

आपको बता दे की विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्था जिसका बेहद बड़ा नाम है लेकिन वहीं पर रहकर शिक्षा लेते सैकड़ों छात्रों के जान पर आज बन आई है . हॉस्टल में रहने वाले छात्र जिनके खाने में पूरी तरह से प्रदूषित अनहाईजिन और कीड़ों से मिला हुआ खाना खिलाया गया जिसके चलते एक दो नहीं बल्कि करीब 150 छात्रों की तबीयत बुरी तरह बिगड़ गई .

जिन्हें अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया दस छात्राएं आईसीयू में भर्ती कराई गई तो कई छात्रों तथा छात्राओं को खून की उल्टी होने के बाद भी बताई जा रही है .

लेकिन गंभीरता लिए इस पूरे मामले को महज प्रबंधन अपनी ख्याति बचाने के लिए दबाने में लगा हुआ है .

एक निजी अस्पताल में भर्ती किए गए 14 छात्राएं तथा 4 छात्र जिन की तबीयत के बारे में बताते हुए अस्पताल के डॉ का बयान भी कुछ अटपटा सा जरूर लगता है .

डॉक्टर ने बताया भर्ती किए गए यह छात्र वायरल फीवर थ्रोट इनफेक्शन तथा पेट दर्द की बीमारी से ग्रस्त थे .

डॉ लहजे में वे मुख्य कारण को लेकिन गोलमोल कर गए .

वहीं दूसरी ओर इस घटना से आहत हुए छात्रों तथा उनके मित्रों द्वारा दबी जुबान में यह सारा मामला बताया जा रहा है छात्रों के संगठन ने एचआरडी मिनिस्टर को ट्वीट कर मदद की गुहार मांगी थी . क्योंकि यहां पढ़ने वाले सभी बच्चों का भविष्य जिस पर नियंत्रण मुख्य रूप से कॉलेज प्रबंधन का है अतः छात्र खुलकर बोलने से डर रहे हैं .

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्न व औषध विभाग द्वारा तुरंत कार्यवाही की गई खाने का सैंपल लैबोरेट्री भेज दिया गया है तथा आगे की जांच जारी है साथ ही साथ विभाग के निर्देशों द्वारा कॉलेज परिसर में खाना बनाने की मनाही कर दी गई है अब छात्र बाहर से बड़ी मुश्किल से अपना पेट भर पा रहे हैं .

इस पूरे मामले को छिपाने में कॉलेज प्रबंधन के साथ ही साथ अस्पताल प्रबंधन भी साथ दे रहा दिखाई देता है.

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