Published On : Tue, Jul 17th, 2018

आदिवासी विद्यार्थियों के मोर्चे के साथ बदसलूकी को लेकर विपक्ष ने जताया ऐतराज

नागपुर: एनसीपी के दिलीप वलसे पाटील और विपक्ष के विखे पाटील ने नाशिक में आदिवासी छात्रों के मोर्चे के साथ की गई पुलिस की बदसलूकी को लेकर सरकार से जवाब मांगा.

सदन में प्रश्नोत्तर काल शुरू होने के पहले इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगा. इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी छात्र-छात्राओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए जल्द ही वे मंत्रियों और वसले पाटील जैसे नेताओं के साथ बैठक करेंगे.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में कुछ आदिवासी होस्टलों में डीबीटी शुरू है. जिसमें विद्यार्थियों की शिकायत थी कि उन्हें घटिया दर्जे का खाना दिया जाता है, लिहाजा पैसें हमें देकर सीधे खाना की व्यवस्था करने की बात की गई थी.

इसे ही ध्यान में रखते हुए डीबीटी योजना शुरू की गई थी. नाशिक से पुणे के लिए निकाले गए मोर्चे में पहले विद्यार्थियों की संथ्या 100 के आस पास थी जो बाद में बढ़ते बढ़ते ढाई सौ से अधिक की हो गई.

राज्य के आदिवासी होस्टलों में कई अनाधिकृत विद्यार्थी रहते हैं, मोर्चे के दौरान ये अनाधिकृत विद्यार्थी कुछ गड़बड़ न कर दे इसलिए सतर्कता के तौर पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. बाद में अलग अलग जगह छोड़ दिया गया. इस पर वलसे पटील ने कहा कि उन्होंने छः माह पहले ही अनाधिकृत छात्रों के बारे में जानकारी दे दी थी.