Published On : Tue, Jul 17th, 2018

वार्षिक पैटर्न के विद्यार्थियों को सेमेस्टर पैटर्न में एडमिशन देने से यूनिवर्सिटी का इंकार

Nagpur : वार्षिक पैटर्न स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को थर्ड ईयर में (पांच सेमेस्टर) के तहत एटीकेटी का लाभ देकर एडमिशन देने और नियमित रिजल्ट में होनेवाली देरी को लेकर छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) के विद्यार्थियों ने कुलगुरु से मिलकर उन्हें निवेदन दिया. विद्यार्थियों ने बताया कि वे अनेक वर्षों से यूनिवर्सिटी में परिवर्तन लाने को लेकर कुलगुरु को निवेदन दे रहे हैं. लेकिन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है. कई परीक्षाओं के रिजल्ट देर से आते हैं.

बावजूद इसके समाचारपत्रों में समय के भीतर रिजल्ट घोषित करने का ढिंढोरा पीटा जाता है. छात्र युवा संघर्ष समिति की कृतल अाकरे ने बताया कि दो साल पहले यूनिवर्सिटी ने वार्षिक पैटर्न बदलकर बीए, बीकॉम व अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर पैटर्न लागू किया था. लेकिन वार्षिक पैटर्न के पिछले वर्ष फेल हुए कुछ विद्यार्थी अब तक सेकंड ईयर पास नहीं हुए हैं.

कुछ विद्यार्थी एक विषय में तो कुछ दो विषयों में फेल हुए हैं. इन सभी विद्यार्थियों को अब एटीकेटी का नियम लगाकर थर्ड ईयर में पांचवें सेमेस्टर में एडमिशन दिया जाना चाहिए. लेकिन कोई भी कॉलेज इन्हें एडमिशन नहीं दे रहा है. इसके कारण सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हैं. ऐसे विद्यार्थियों को थर्ड ईयर में (पांचवे सेमेस्टर) में कॉलेजों में एडमिशन देने और एटीकेटी के नियम के अंतर्गत इन सभी पुराने पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को पांचवे सेमेस्टर में एडमिशन देने का आदेश कुलगुरु द्वारा देने की मांग की गई है.

इन विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी के कानून के अनुसार पुराने पाठय्रकम के तीन मौके देने चाहिए, यानी शीतकालीन 2018 की परीक्षा यह दे सकते हैं. इसका मतलब इन्हें पांचवे सेमेस्टर में एडमिशन दिया जाना चाहिए. यह मांग कुलगुरु से की गई है. लेकिन कुलगुरु ने इस पर विचार न करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि वे प्रचलित नियम के अनुसार प्रवेश नहीं दे सकते.

इस बारे में जब कुलगुरु से प्रचलित नियमों की कॉपी मांगी गई तो उन्होंने यूनिवर्सल नियम होने का हवाला दिया साथ एटीकेटी नियम में पात्र होने के बाद भी विद्यार्थियों को एडमिशन देने की बात नकारी. नागपुर यूनिवर्सिटी के इस जिद के कारण हजारों विद्यार्थियों का साल खराब हो रहा है. यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों के लिए बनती है, लेकिन नागपुर यूनिवर्सिटी में कुलगुरु को यूनिवर्सिटी से कोई लेना देना नहीं है ऐसा दिखाई दे रहा है.

छात्र युवा संघर्ष समिति के विद्यार्थियों ने एटीकेटी में पात्र होने के बाद भी थर्ड ईयर में यूनिवर्सिटी अगर एडमिशन नहीं देती तो इस तुगलगी फरमान को लेकर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी विद्यार्थियों ने दी है. इस दौरान सीवाईएसएस की हिना राखुंडे, जयश्री मानेकर, शिवानी कुकडे, दिव्या गुप्ता, पीयूष आकरे, आशीष घरडे समेत अन्य विद्यार्थी और पदाधिकारी मौजूद थे.