Published On : Tue, Nov 3rd, 2020

Video : राज्य सरकार महावितरण कंपनी को उमेदवारो की नियुक्ति के आदेश जल्द दे: बावनकुले

नागपुर– महावितरण कंपनी ( MSEDCL) में रुकी हुई शाखा अभियंता ( Branch Engineer ), उपकेंद्र सहायक ( Subcentre Assistant ), विघुत सहायक ( Electrical Assistant ), इनकी नियुक्ति कई महीनों से अटकी पड़ी हुई है. जिसके कारण इन उमेदवारो में निराशा की भावना आ चुकी है, यह युवा बेरोजगारी के कारण खुदखुशी जैसा कदम भी उठा सकते है. जिसके कारण राज्य सरकार की ओर से जल्द से जल्द नियुक्ति के आदेश निकालने की मांग पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ( Former Minister Chandrashekhar Bavankule ) ने राज्य सरकार से की है.

मंगलवार 3 नवंबर को इसी मांग को लेकर बावनकुले के नेतृत्व में सविंधान चौक में भाजपा के कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियों की ओर से प्रदर्शन किया गया. इस दौरान बावनकुले ने राज्य सरकार की जमकर आलोचना की. बावनकुले ने कहा की युवाओ का नियुक्ति ( Appointment ) रुकी हुई है.

महाराष्ट्र सरकार महावितरण ( MSEDCL) को मार्गदर्शन नहीं कर रही है. पिछले 3 महीने से इन बच्चों का वेटिंग है. एक मिनट का काम है, सरकार और कंपनी के बीच में चर्चा हो जाए और नौकरी के आदेश निकल जाए. लेकिन एक मिनट के काम के लिए सरकार 3 महीने निकाल रही है, यह सरकार निष्क्रिय है. 16 बच्चों ने आत्महत्या की नोटिस दी है. पुलिस के पास वो नोटिस है. हमने उनको समझाया. काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध किया जा रहा है. उन्होंने कहा की साढ़े 7 हजार बच्चों की नौकरी की बात है. तत्काल सरकार नौकरी के सन्दर्भ में आदेश दे. उन्होंने कहा की महावितरण में बड़े पैमाने पर पद रिक्त है.

समित ठक्कर के मुद्दे पर उन्होंने कहा की आतंकवादी से भी बुरा बर्ताव समित ठक्कर के साथ नागपुर में किया गया. कोर्ट में काला बुरखा डालकर, उसके दोनों हाथों को बांधकर, उसको खींचते हुए ले जाया गया. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल करने पर इस तरह से आतंकवादियों जैसा बर्ताव गलत है. सरकार इस मामले को लेकर गलत कर रही है.

बिजली बिल माफ़ी को लेकर उन्होंने कहा की सरकार झूठ बोल रही है. मार्च के बजट में कहा गया था की 100 यूनिट बिजली का बिल माफ़ करेंगे. लेकिन किया नहीं. इसके बाद सरकार ने कहा था की मार्च, अप्रैल, मई, जून का बिजली का बिल माफ़ करेंगे, लेकिन वो भी नहीं किया. सभी को एवरेज बिल भेजे गए, फिर सरकार की ओर से कहा गया था की बिलों में दुरुस्ती की जाएगी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से वो भी नहीं किया गया.

बावनकुले ने मांग की है की 4 महीने का 1200 यूनिट का बिजली बिल मध्यम परिवारों ( Middle families ) का माफ़ किया जाए. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा की सरकार केवल घोषणा कर रही है, इसके अलावा कुछ भी नहीं कर रही है. सरकार झूठ बोल रही है. बजट से महावितरण को पैसा देकर सभी बिल स्क्रैप किए जाए.