Published On : Tue, Aug 27th, 2019

विडिओ: ग्राहक का आरोप एसएनडीएल ने ही मीटर में छेड़छाड़ कर लगाया झूठा बिजली चोरी का आरोप

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अब कंपनी डाल रही है 1,20,000 रुपए भरने के लिए दबाव

नागपुर: शहर में बिजली वितरण सप्लाई करनेवाली कंपनी एसएनडीएल की ओर से कुछ दिन पहले मोमिनपुरा परिसर में एक ग्राहक के घर में मीटर चेक किया गया था. जिसमे उस ग्राहक पर बिजली चोरी करने का आरोप कंपनी की ओर से लगाया गया था. इस मामले में कंपनी की ओर से इसके जुर्माने के तौर पर 1 लाख 20 हजार रुपए भरने की बात कही गई है. जुर्माना नहीं भरने पर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की धमकी भी दी गई है. मामला मोमिनुरा स्थित फय्याजुल हसन के घर का है. इस मामले में फय्याजुल ने कार्रवाई का पूरा विडिओ बनाया है और उनका कहना है कि मीटर कंपनी के कर्मियों की ओर से ही तोडा गया है. जबकि मीटर में किसी भी तरह का डिफेक्ट और मीटर की सील टूटी हुई नहीं थी.

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मीटर को पेचकस से तोड़ने के बाद कंपनी ने ही पोटेंशियल वायर कट करने का आरोप उन्होंने कंपनी पर लगाया है. हसन ने बताया की मीटर में जब गड़बड़ी की जाती है तो मीटर की सील टूटी होती है या फिर मीटर में किसी भी तरह का डिफेक्ट दिखाई देता है. लेकिन मीटर में किसी भी तरह का कोई भी डिफेक्ट नहीं है. एसएनडीएल के कर्मियों ने जब मीटर निचे उतारा और उसे तोडा तो उस मीटर को खोलना उनके लिए भी मुश्किल हो रहा था तो वे ग्राहक के तौर पर मीटर में कैसे गड़बड़ी कर सकते है.

हसन का कहना है कि इस पुरे मामले में एसएनडीएल की ओर से स्पॉट इंस्पेक्शन रिपोर्ट में विटनेस के तौर पर किसी की भी सिग्नेचर नहीं ली गई है. यह पूरी घटना 15 जुलाई 2019 की है. जब एसएनडीएल के लोग उनके घर पहुंचे और जबरन उनके घर के चालु मीटर को नीचे उतारा और उसको पेचकस से तोडा. उनका कहना है की इस मामले में मुझपर कंपनी की ओर से महाराष्ट्र राज्य विघुत अधिनियम 2003 के धारा 135,138 के तहत मामला दर्ज करने की धमकी रोजाना कंपनी की ओर से दी जा रही है. उनका कहना है कि संपूर्ण नियमों एवं महाराष्ट्र राज्य विघुत अधीनियम 2003 के विरुद्ध तथा सत्यशोधन समिति की रिपोर्ट व् महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलरिटी कमीशन के अनुसार किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करते हुए आए दिन एसएनडीएल कंपनी के विजिलेंस कह जानेवाले अधिकारी ग्राहकों के घर पर रेड मारकर उन्हें परेशान करते है.

उनका कहना है की ऐसे मामलो में पुलिस भी कंपनी का ही साथ देती है. फय्याजुल का कहना है की कुछ महीने पहले परिसर में एसएनडीएल कंपनी की ओर से कई घरों पर ऐसे ही रेड डाली गई थी. उस समय वे वहां पर गए थे और कंपनी की पोल खोली थी. जिसके कारण ही कंपनी के कर्मचारियों की ओर से उन्हें परेशान किया जा रहा है. उनका कहना है की वे पिछले एक महीने से कई जगहों पर अधिकारियो और नेताओ को शिकायत दे चुके है. लेकिन किसी की भी तरफ से इस मामले में उनकी मदद नहीं की गई है.

उन्होंने बताया की इससे पहले भी कंपनी से तथाकथित कुछ कर्मी आए थे. जब उन्होंने पुलिस स्टेशन फोन किया तो वे कर्मी भाग गए थे. उनका कहना है कि एसएनडीएल की ओर से मीटर निचे उतारा गया उसकी सील तोड़ी गई और खुद ही मीटर के अंदर स्क्रू ड्राइवर से अंदर के पॉइंट को छेड़कर पोटेंशियल को कट किया गया है. कर्मचारियों की ओर से ही इसे छेड़ा गया है और बिजली चोरी करने का आरोप मुझपर लगाया गया है. उन्होंने बताया की उनपर किसी भी तरह का बिजली बिल बकाया नहीं है. वे नियमित रूप से बिजली का बिल भरते है. उनका कहना है की जो मीटर की रीडिंग ली गई है वे बिल तो वे पहले ही भर चुके है. उनका कहना है की एसएनडीएल कंपनी की ओर से उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपए भरने के लिए फ़ोन पर धमकाया जा रहा है.

फय्याजुल ने इस पुरे मामले की और एसएनडीएल कंपनी की शिकायत मुख्यमंत्री अन्य मंत्रियो, जिल्हाधिकारी, महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण के अधीक्षक अभियंता, समेत अन्य पदाधिकारियों और अधिकारियो से की है.

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