
गोंदिया। 26 जनवरी को शहर शांत था , फुलचुर इलाके की साईं माऊली कॉलोनी सो रही थी तभी वहां अचानक दहशत फैल गई। रात 12 के लगभग दरवाजे पर दस्तक हुई , खटखटाने की आवाज फरियादी प्रतीक उईके ने सुनी और दरवाजा खुलते ही चाकू चमका… दो नकाबपोश अज्ञात व्यक्ति भीतर घुसे और चाकू दिखाकर मां- बेटे के हाथ पैर बांधे गए और अलमारी से 14 तोला सोना , 48 ग्राम चांदी और 28000 नगद साफ कर दी गई ,इस तरह 21 लाख रुपये की जबरन लूट को अंजाम देकर नकाबपोश रफ्फु चक्कर हो गए इस घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया।
किराए की आड़ , भरोसे की सेंध , दबोचे गए
सूचना मिलते ही लोकल क्राइम ब्रांच हरकत में आई पूछताछ में कुछ नाम उभरे , पुलिस साईं माऊली कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले संदिग्धों के घर पहुंची , दबिश दी लेकिन वहां कुछ नहीं मिला हालांकि सुबह जब दोबारा पुलिस वहां पहुंची तो मकान पर ताला लगा मिला जिससे संदेह और गहरा गया।जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। खुफिया तंत्र, तकनीकी सर्विलांस और तेज कार्रवाई के दम पर फुलचुर से बालाघाट तक आरोपियों का पीछा किया गया और महज 12 घंटे में लूट की पूरी गुत्थी सुलझा ली गई।
लूटा हुआ सारा माल बरामद
जांच में सामने आया कि शिवाजीनगर, साईं माऊली कॉलोनी में किराए से रहने वालेमुकेशकुमार डोंगरे (59) और आर्यन मुकेशकुमार डोंगरे (24) इस पिता पुत्र की गतिविधियां संदिग्ध थी। स्कूटी से बालाघाट की ओर भागे पिता को पुलिस टीम ने ग्राम रजेगांव (जिला बालाघाट) में घेराबंदी कर दबौचा , पूछताछ में उसने बताया कि बेटे को उसने बस स्टॉप पर छोड़ा है इसपर पुलिस ने बेटे को चलती बस से गिरफ्तार किया , दोनों आरोपियों के हिरासत में लेने तथा उनके काले रंग के स्कूल बैग की तलाशी लेने पर सोने के कंगन , मंगलसूत्र ,चेन , अंगूठियां , सोने के सिक्के , चांदी के बिस्किट , कमरबंद , पायल , चाबी का गुच्छा , 28000 नगद तथा घटना में प्रयुक्त सफेद एक्टिवा स्कूटी और दो एंड्रॉयड फोन इस तरह 22 लाख 6 हजार 640 रूपए के लूट का सारा 100% माल आरोपियों के पास से बरामद हुआ।
क्राइम का चक्रव्यूह ध्वस्त , अपराध करोगे, तो बचोगे नहीं *
आरोपियों के खिलाफ गोंदिया ग्रामीण थाने में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
आज 27 जनवरी को आयोजित पत्र परिषद में पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने संपूर्ण प्रकरण की जानकारी देते कहा- जो अपराधी खुद को शातिर समझ रहे थे उन्हें अंदाज नहीं था कि पुलिस की पकड़ उनसे भी तेज निकलेगी। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर, पोउपनि वनीता सायकर , पुलिस हवलदार संजय चौहान , दीक्षित कुमार दमाहे , रियाज शेख , इंद्रजीत बिसेन , प्रकाश गायधने , सुबोध कुमार बिसेन , सिपाही छगन विट्ठले , राकेश इंदुरकर , घनश्याम कुंभलकर इन जांबाज़ जवानों द्वारा अंजाम दी गई।
रवि आर्य








