Published On : Thu, Feb 14th, 2019

कुकरेजा को फिर मिल सकती है मनपा के तिजोरी की चाबी

Advertisement

इसके पूर्व संदीप जोशी बन चुके दो दफे लगातार स्थाई समिति सभापति

नागपुर: नागपुर महानगरपालिका में महापौर के बाद दूसरा महत्वपूर्ण पद स्थाई समिति सभापति का होता हैं.नागपुर मनपा स्थापना के बाद मनपा इतिहास में संदीप जोशी एकमात्र नगरसेवक हैं,जिन्हें लगातार दो दफे स्थाई समिति सभापति बनने का मौका मिला। इसकी पुनरावृति की प्रबल संभावनाएं पर चर्चा जोरों पर हैं कि वर्त्तमान स्थाई समिति सभापति विक्की कुकरेजा को ‘पॉलिटिकल एडजस्टमेंट’ के तहत लगातार उनका कार्यकाल दूसरे वर्ष भी कायम रहेंगा।

Advertisement
Advertisement

यह वर्ष चुनावी वर्ष हैं,इस वर्ष के अप्रैल माह में लोकसभा और ऑक्टूबर माह के आसपास विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.इसी वर्ष महापौर,उपमहापौर और सबसे पहले स्थाई समिति सभापति का चुनाव होना हैं.स्थाई समिति सभापति के पास दोहरी जिम्मेदारी के रूप में वे नागपुर सुधार प्रन्यास के विश्वस्त भी होते हैं.

उक्त सभी चुनावों में सामाजिक व राजनैतिक समीकरण/समझौते के तहत उम्मीदवारों का चयन किया जाना भी तय हैं.

इस वर्ष की चुनावी दंगल की शुरुआत मनपा स्थाई समिति सभापति व सदस्यों के चयन से होंगी।वर्त्तमान समिति की सदस्या साबले क्यूंकि इस्तीफा नहीं देंगी,इसलिए सिर्फ वे ही अगली समिति में दोबारा नज़र आएंगी।

मनपा के अध्ययनशील जानकारों के अनुसार स्थाई समिति सभापति विक्की कुकरेजा फडणवीस-गडकरी दोनों के करीबी हैं.वर्त्तमान कार्यकाल में मनपा स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय कार्य भी किये,इन्हें मुख्यमंत्री फडणवीस का भरपूर साथ मिला। दोनों नेताओं के समक्ष निर्विवादित रहे और तो और इस चुनावी वर्ष में उन्हें राजनैतिक रूप से कहीं और समायोजन नहीं किया जा सकता इसलिए उनकी महत्ता को देखते हुए दोनों शीर्षस्थ नेता कुकरेजा को स्थाई समिति सभापति पद पर कायम रखेंगे। अर्थात संदीप जोशी के बाद कुकरेजा दूसरे स्थाई समिति सभापति होंगे,जिन्हें लगातार दोबारा मौका मिल सकता हैं.
लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से निःसंदेह नितिन गडकरी ही चुनाव लड़ेंगे,जिनका सामना मनपा के पूर्व पदाधिकारी से होने के प्रबल आसार नज़र आ रहे.

इसके बाद महापौर और उपमहापौर का चुनाव लॉटरी पद्धति से होंगा।लॉटरी में ओपन,ओबीसी,एससी,एसटी आदि में से ओपन पुरुष या ओपन महिला या सामान्य जिनकी लॉटरी लगेंगी,उसी कैटेगरी के नगरसेवक या नगरसेविका में से उक्त दोनों पद के लिए चयन किया जाएगा।

इसके बाद सबसे आखिर में विधानसभा चुनाव होंगे,संभवतः मनपा के २ से ३ नगरसेवकों को भाजपा उम्मीदवारी दे सकती हैं.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement