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    Published On : Wed, Nov 18th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    विस अध्यक्ष सह 3 मंत्री की चुप्पी दे रही अवैध रेत उत्खनन को बढ़ावा

    – पुलिस प्रशासन को बनाया जा रहा मोहरा

    नागपुर : नागपुर सह भंडारा जिले में अवैध रेती उत्खनन का सिलसिला धड़ल्ले से जारी हैं.नागपुर जिले में एक मंत्री तो भंडारा जिले में विस अध्यक्ष जिला पुलिस प्रशासन के कांधो पर बंदूक रख अवैध रेत उत्खनन को बढ़ावा दे रहे.इस चक्कर में गोंदिया व नागपुर जिले के पालकमंत्री अपनी दाल गलती न देख दोनों जिले में पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर अवैध रेत उत्खनन बाद परिवहन करने वालों को धर दबोच रही तो भंडारा जिले के पालकमंत्री इस अवैध कृत से कोसों दुरी बनाए हुए हैं.

    विडंबना हैं कि राज्य सरकार का अभिन्न हिस्सा मंत्रिमंडल के सदस्य होते हैं.वे अवैध कृतो पर अंकुश लगाने के लिए नए-नए सख्त कानून बनाकर उसे सख्ती से अमल में लाने हेतु अबतक प्रयासरत देखे गए लेकिन इस दफे गोंदिया जिले के पालकमंत्री व राज्य के गृहमंत्री,नागपुर के पालकमंत्री,विस अध्यक्ष और एक अन्य कैबिनेट मंत्री का अप्रत्यक्ष रूप से अवैध रेती उत्खनन मामले में नाम आने से सर्वत्र गर्मागर्म चर्चा का विषय बना हुआ हैं.इनके चक्कर में दोनों जिलों की पुलिस पशोपेश में हैं.भंडारा जिले में विस अध्यक्ष तो नागपुर जिले में एक मंत्री का अप्रत्यक्ष रूप से अवैध रेत उत्खनन में सक्रिय होने से राज्य के गृहमंत्री और नागपुर के पालकमंत्री सकते में आ गए.अबतक इनकी भी दाल गाल रही थी लेकिन नागपुर जिले के एक मंत्री और भंडारा जिले के विस अध्यक्ष की सक्रियता से दोनों परेशान हो गए.

    इससे क्षुब्ध होकर परेशान मंत्री दोनों ने संयुक्त निर्णय लेकर नागपुर जिले में अवैध रेत की आवाजाही पर पूर्णतः रोक लगा दी,साथ ही अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की धड़-पकड़ शुरू कर दी.प्राप्त जानकारी के अनुसार अबतक कई दर्जन रेत की गाड़ियां नागपुर शहर सीमा अंतर्गत थानों में जप्त किए गए हैं.

    उल्लेखनीय यह हैं कि राज्य के सफेदपोश का रेत में रूचि होने के कारण पुलिस प्रशासन की दिक्कत बढ़ गई,अकारण रेत माफियाओं से संघर्ष करना पड़ रहा.जबकि यह काम जिला प्रशासन और जिला खनन विभाग से सीधा ताल्लुक रखता हैं.

    मिट्टी मिश्रित रेत के नाम पर हो रही धांधली
    नागपुर सह भंडारा जिला प्रशासन द्वारा अवैध रेत उत्खनन के लिए नया हथकंडा अपनाया गया हैं,वह यह कि जिला प्रशासन ले-दे कर खेतो में जमा रेत निकालने के नाम पर नई प्रकार की अनुमति दे रहा.जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं,बल्कि इस अनुमति के साथ प्राप्त रॉयल्टी का फायदा अवैध रेत उत्खनन कर उठाया जा रहा.इसके साथ ही मध्यप्रदेश की रॉयल्टी दिखा कर सावनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रेती घाटों से अवैध रेत उत्खनन सह परिवहन का सिलसिला धड़ल्ले से जारी हैं.जिसका पूर्ण समर्थन 50% हथियाने वाली कंपनी के गुर्गे दे रहे.

    रामटेक विस में भी अवैध रेती उत्खनन शुरू
    रामटेक विधानसभा क्षेत्र से जुड़े रेती व्यवसायी ने बताया कि जिला प्रशासन सिर्फ सावनेर क्षेत्र के रेत कारोबारी को छूट दे रहे,जिसका फायदा अवैध रेत उत्खनन कर कर रहे। अन्य तहसीलों के रेती उत्खनन पर पाबंदी लगा रखी हैं। सिर्फ सावनेर तहसील के आधा दर्जन रेत घाटों से रोजाना 750 ट्रक,टिप्पर,एलपी अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन की जा रही। इस कारनामों को जिला प्रशासन,जिला खनन विभाग और तहसीलदार नियमों को लचीला बनाकर रेत कारोबारियों का मार्ग आसान कर दे रहे।रामटेक विस क्षेत्र में भी पिछले कुछ दिनों से मिटटी मिश्रित रेत के नाम पर अवैध रेत उत्खनन शुरू हो चूका हैं.

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