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    Published On : Fri, Dec 8th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के संज्ञान के बाद एनिमल शेल्टर में नियुक्त किया पशु चिकित्सक

    NMC Nagpur
    नागपुर: शहर के बीमार और घायल श्वानों के लिए भांडेवाडी में बनाये गए शेल्टर में भारी अनियमिताओं और श्वानों के प्रति लापरवाही को लेकर मानद पशु कल्याण अधिकारी करिश्मा गलानी ने पुलिस स्टेशन में नागपुर महानगर पालिका के पशु अधिकारी डॉ. राजेंद्र महल्ले के खिलाफ शिकायत की थी. पिछले एक साल से एनिमल शेल्टर में पशु चिकित्सक के नहीं होने से श्वानों की मौत तो हो रही थी. साथ ही इलाज के लिए लाए गए श्वानों को इलाज भी नहीं मिल पा रहा था.

    गिलानी ने केंद्रीय मंत्री और पीपल फॉर एनिमल प्रमुख मेनका गांधी से बात की और पूरे मामले की जानकारी दी. जिसके बाद मनपा आयुक्त आश्विन मुदगल से बात करने के बाद उनकी ओर से एनिमल शेल्टर में एक डॉक्टर को नियुक्त किया गया है. इस बारे में गिलानी ने बताया कि महल्ले के खिलाफ लापरवाही को लेकर नंदनवन पुलिस स्टेशन में शिकायत की गई है. एक साल से शेल्टर होम में कोई भी डॉक्टर नियुक्त नहीं किया गया था. अपने संबंधितों को लाभ पहुंचाने के लिए डॉ. महल्ले ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया. 2012 में महल्ले की नियुक्ति की थी. लेकिन जहां पहले महल्ले काम करते थे अभी उसी को वे निजी लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं. शेल्टर होम बनाने के लिए भी हमने ही प्रयास किया था. मनपा को हमने पत्र भी दिया था. लेकिन उस पर भी कोई लीगल कार्रवाई नहीं की गई.

    गिलानी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि एनिमल शेल्टर पूरी तरह से निजी हाथों में देने के लिए मनपा के पशु अधिकारी जोर लगा रहे हैं. 2014 में एनिमल बर्थ कंट्रोल ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए जगह देने की मांग भी डॉ. बुधे ने की थी. लेकिन उस समय पीएफए के हस्तक्षेप के बाद वहां एनिमल शेल्टर बनाया गया था. कई संस्थाएं है श्वानों की नसबंदी करने के लिए लेकिन केवल शहर की एक ही संस्था को टेंडर देने का प्रयास किया जाता है. दो संस्थाओं ने ही टेंडर भरा है.

    गिलानी ने बताया कि शिकायत में यह भी कहा गया है कि महल्ले ने गलत टेंडर निकाला है. पिछले एक साल से एनिमल शेल्टर में जितने भी श्वानों की मौत हुई है. जिस संस्था की लापरवाही से श्वान मरे है. उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं की. जानवरों के मरने से महल्ले पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है. लेकिन मनपा भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. जांच कमिटी बैठाने की मांग की गई है. शेल्टर के लिए मिला निधि में से करीब 25 लाख रुपए पुराने बिल चुकाने के लिए महल्ले की ओर से दिए गए हैं. पूरे मामले की जांच करने की मांग की गई है. मनपा आयुक्त ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के फ़ोन के बाद एनिमल शेल्टर में पशु चिकिसक नियुक्त किया है और कुछ दिनों में सभी विषयों पर चर्चा करने की हामी भी भरी है.

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