Published On : Fri, May 14th, 2021

BLACKLIST करने के बजाय मौखिक EXTENSION दिया SAND CONTRACTOR को

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– बोगस ROYALTY पेश कर किया था रेत आपूर्ति,एमओडीआई फाउंडेशन ने की इसे ब्लैकलिस्ट कर नया टेंडर बुलाने या फिर L2 को आपूर्ति का कार्यादेश देने की मांग

नागपुर : MOIL के खदानों से मैंग्नीज उत्खनन बाद हुए गड्ढे के भरण के लिए रेत की जरुरत पड़ती हैं.इसके लिए वे निविदा जारी करती हैं.इस सन्दर्भ में पिछले रेत कांट्रेक्टर अनुराग चौहाण ने बोगस रॉयल्टी के आधार पर मॉइल को रेत आपूर्ति की.इसकी भनक लगने के बाद एक ओर इस कांट्रेक्टर का करोड़ों का बिल रोक दिया गया तो दूसरी ओर उसे BLACKLIST करने के बजाय उसे ही मौखिक EXTENSION दे दिया गया.इस मामले को लेकर MOIL प्रबंधन से एमओडीआई फाउंडेशन ने मांग की हैं कि उक्त ठेकेदार/ठेकेदार कंपनी को BLACKLIST करें और L2 से शेष रेत की आपूर्ति करवाए या फिर नए सिरे से रेत की निविदा आमंत्रित करें।समय रहते मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो न्यायालय की शरण में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा,इससे होने वाले नुकसान के जिम्मेदार MOIL प्रबंधन की होंगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार MOIL के खोखले खदानों के भरण के लिए रेत की निविदा जारी की थी.बेलडोंगरी,कान्द्री व मनसर खदान के लिए रेत आपूर्ति का ठेका मध्यप्रदेश के अनुराग चौहाण(M/S ALLIED CORPORATION) को प्राप्त हुआ था.इन खदानों में रेत आपूर्तिकर्ता कंपनी का सिर्फ नाम कागजों पर था लेकिन BOGUS ROYALTY पेश कर कन्हान के सफेदपोश बंधू रेत आपूर्ति कर रहे थे.वे मॉइल खदान के सम्बंधित अधिकारियों/सुरक्षा अधिकारियों की मिलीभगत से मध्यप्रदेश की रॉयल्टी लगा रहे थे और रेत वाघोड़ा घाट से उक्त खदानों में पहुंचा रहे थे.

इस दौरान करोड़ों में रॉयल्टी की चोरी का मामला सार्वजानिक होते ही मॉइल ने उक्त रेत आपूर्ति ठेकेदार का भुगतान रोक दिया और निर्देश दिया कि ORIGINAL ROYALTY पेश करने के बाद बकाया भुगतान किया जाएगा।

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इसके तुरंत बाद उक्त रेत आपूर्ति ठेकेदार को BLACKLIST करने या उसका ठेका रद्द कर L 2 से शेष रेत की आपूर्ति करवाने की बजाय उक्त विवादास्पद रेत ठेकेदार अनुराग चौहाण(M/S ALLIED CORPORATION) को मौखिक EXTENSION दे दिया गया.जब से इन्हे EXTENSION प्राप्त हुआ हैं तब से पुनः फर्जी रॉयल्टी के बल पर चोरी की रेत ( वाघोड़ा घाट) की आपूर्ति का सिलसिला शुरू हैं.क्यूंकि इस गोरखधंधे में मॉइल के स्थानीय अधिकारी लिप्त हैं इसलिए मॉइल प्रबंधन ने आँखे मूंद रखी हैं.

उक्त मामले को लेकर एमओडीआई फाउंडेशन (MODI FOUNDATION) ने प्रबंधन से मांग की हैं कि उक्त ठेकेदार/ठेकेदार कंपनी को BLACKLIST करें और L2 से शेष रेत की आपूर्ति करवाए या फिर नए सिरे से रेत की निविदा आमंत्रित करें।समय रहते मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो न्यायालय की शरण में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा,इससे होने वाले नुकसान के जिम्मेदार MOIL प्रबंधन की होंगी।

क्यूंकि मामला नागपुर जिले से सम्बंधित हैं इसलिए इस मामले पर गंभीर दखल लेने की मांग नागपुर के जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे से की हैं,वैसे रविंद्र ठाकरे रेती घाट से हो रही रेत चोरी/राजस्व चोरी सह सरकारी संपत्ति बचाव मामले में रत्तीभर गंभीर नहीं,यह उल्लेखनीय हैं.इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को रहने के बावजूद वे भी सिरे से नज़रअंदाज कर रहे.

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