Published On : Wed, Sep 13th, 2017

अमरावती रोड स्थित कैंपस का गेट बंद कर विद्यार्थियों ने किया आंदोलन - कुलगुरु के साथ हुई बैठक में रखी विद्यार्थियों की समस्या

नागपुर : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के अमरावती रोड स्थित कैंपस में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यार्थी संगठन के सैकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों की ओर से मुख्य गेट बंद कर दिया गया था. जिससे कैंपस में आनेवाले विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को सड़क पर ही अपनी गाड़ियां पार्क करनी पड़ी. […]


नागपुर
: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के अमरावती रोड स्थित कैंपस में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यार्थी संगठन के सैकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों की ओर से मुख्य गेट बंद कर दिया गया था. जिससे कैंपस में आनेवाले विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को सड़क पर ही अपनी गाड़ियां पार्क करनी पड़ी. विद्यार्थियों का बढ़ता विरोध देखते हुए बड़ी तादाद में पुलिस भी यहां पहुंच चुकी थी. पुलिस ने आंदोलन समाप्त करने के लिए विद्यार्थियों से कहा लेकिन विद्यार्थियों की मांग थी की वे अपनी मांगें कुलगुरु के ही सामने रखेंगे. जिसके बाद कुलगुरु डॉ. सिदार्थविनायक काणे, प्रो-कुलगुरु प्रमोद येवले और कुलसचिव पूरनचंद्र मेश्राम के सामने विद्यार्थी संगठन के पदाधिकारीयों ने अपनी मांगे रखी.

जिसमे कैंपस के शौचालयों में साफ़ सफाई, विभागों में वाटर कूलर की व्यवस्था, पीने के पानी की सुविधा, ओपन एक्सेस लाइब्रेरी, कैंपस में आनेवाली छात्राओं के लिए होस्टल तक की बस सुविधा, कमाओ और पढ़ो योजना में ज्यादा विद्यार्थियों को लेकर योजना हर वर्ष अगस्त में ही शुरू करने की मांग, 24 घंटे लाइब्रेरी शुरू रखने, छात्राओं के लिए होस्टल बनाने के साथ कैंपस परिसर में महात्मा ज्योतिबा फुले का स्मारक बनाने की मांग. जिस पर कुछ मांगों पर कुलगुरु ने हामी भरी है तो वहीं कुछ मांगों पर असहमति जताते हुए कुलगुरु नजर आए.


इस दौरान कुलगुरु ने विद्यार्थियों को बताया कि विभाग के शौचालय साफ नहीं लगते तो इसके लिए साफ़ करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी का टेंडर रद्द कर दूसरे को टेंडर दिया जाएगा, 5 से 6 छात्राओं के लिए कैंपस से लेकर होस्टल तक की बस की व्यवस्था नहीं की जा सकती. और कैंपस परिसर में महात्मा ज्योतिबा फुले के स्मारक की मांग को लेकर कुलगुर काणे का कहना था कि सरकार के दिशा निर्देश पर ही महापुरुषों का स्मारक बनाया जाता है. जिसके लिए अलग से राशि नहीं होती. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अगर विद्यार्थियों को स्मारक चाहिए तो वे कमिटी तैयार कर अपने स्तर पर निधि जमा करे और हमें बताए. जिसके बाद हम यह स्मारक बनाने की मांग पर विचार करेंगे. इस दौरान कुछ विद्यार्थी कुलगुरु की इस बात से नाराज भी हुए.


कैंपस के प्रत्येक विभाग में सजेशन बॉक्स लगाने की मांग विद्यार्थियों ने की है. जिसके लिए कुलगुरु काणे ने सहमति जताई है. कुलगुरु ने इस दौरान विद्यार्थियों को बताया कि अगले वर्ष से कमाओ और पढ़ो योजना की शुरुआत अगस्त से की जाएगी. विद्यार्थियों ने कुलगुरु के सामने 26 मांगों को रखा है. इस दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यार्थी संगठन के अध्यक्ष समीर महाजन ने कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो वे कुलगुरु को उनके कार्यालय में नहीं जाने देंगे. इस दौरान विद्यार्थियों की ओर से घपेश धवले, स्नेहल वाघमारे, महेश बंसोड़, प्रिया, प्रतीक बनकर प्रमुख रूप से मौजूद थे.

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