Published On : Sat, Apr 15th, 2017

कॉलेज प्रशासन अंधेरे में रख कर विद्यार्थियों से मांग रहे हैं ‘आधार कार्ड’ की जेरॉक्स


नागपुर:
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के साथ नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। जिसके कारण कई बार छात्रों को ही नहीं पता चल पाता कि आखिरकार महाविद्यालय और विभाग उनसे एेन समय पर डाक्यूमेंट्स और आधार कार्ड की मांग क्यों करता है। दरअसल महाविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों से परीक्षा से पहले आधार कार्ड की जेरॉक्स कापी मांगी जा रही है। जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा होने लगी है कि आखिर परीक्षा से पहले आधार कार्ड की कॉपी क्यों मांगी जा रही है।

खास बात यह है कि आधार कार्ड किस काम के िलए जुटाए जा रहे हैं इसकी जानकारी भी कॉलेजवाले छात्रों को नहीं दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब वे अपने विभाग और कॉलेजों के क्लर्क से जानकारी मांगते हैं, तो वे कॉलेज प्रशासन जानकारी देने में आनाकानी करता है। िस रहस्यमयी ढंग से दस्तावेज जुटाने के तरीकों को लेकर छात्रों के मन में भी डर घर करने लगा है।

लेकिन छात्रों के मन में चल रहे इस संभ्रम को लेकर जब राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. सिध्दार्थविनायक काणे से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि नागपुर विश्वविद्यालय का कार्यभार ऑनलाइन हो चुका है। जिसके कारण विद्यार्थियों से आधार कार्ड की जेरॉक्स कॉपी मंगाई जा रही है। विद्यार्थियों के डाला को आधार लिंक कर प्रक्रिया आसान बनाई जा रही है इसलिए उन्हें आधार कार्ड देना जरुरी है।

इस नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों को फीस भरने से लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े दूसरे कामों में भी आसानी होगी। काणे ने यह भी बताया कि स्कॉलरशिप के लिए भी आधार कार्ड की जरुरत होगी। जिसके लिए सभी अध्यनरत विद्यार्थी अपने कॉलेजों और विभाग में आधार कार्ड की जेरॉक्स प्रतियां जमा काएं। खास बात यह है कि एक ओर मोदी जहां ऑन लाइन ‘भिम ऐप’ को विद्यार्थियों के जरिए पूरा करने का सपना देख रहे हों वहीं कॉलेज का विद्यार्थियों को जानकारी ना देना उचित बात नहीं।