Published On : Tue, Jun 26th, 2018

भूमिगत बिजली केबल कार्यों में नियमों का उल्लंघन कर रही एसएनडीएल और एमएसईडीसीएल

नागपुर – उच्च दबाव के बिजली की भूमिगत केबल नागपुर की बिजली वितरण फ्रैंचाइजी एसएनडीएल और एमएसईडीसीएल द्वारा शहर में कई जगहों पर बिछाई जा रही है. लेकिन इसमें कई तरह की अनियमितता और नियमों का उल्लंघन होने की जानकारी नागरिक जागृति जनकल्याण बहुउद्देशीय संस्था के अध्यक्ष प्रभाकर नवखरे ने दी है.

नवखरे ने बताया कि उच्च दबाव के भूमिगत केबल डालने को लेकर कुछ नियमावली है. लेकिन नियमों का उल्लंघन करने का कार्य फ्रेंचाइजी कंपनी एसएनडीएल की ओर से किया जा रहा है. जिससे भूमिगत बिजली केबल डालने के साथ ही शहर के नागरिकों की जान के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा नगर में काम चल रहा है. नवखरे ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भूमिगत केबल डालते हुए गड्डा करीब डेढ़ मीटर गहरा होना चाहिए साथ ही केबल पर हाफ राउंड और रेती डालना आवश्यक है व उच्च दबाव के दो केबल डालना आवश्यक है और निम्न दबाव के दो केबल होने चाहिए. जिससे की केबल में समस्या आने पर नागरिकों को परेशान न होना पड़े. लेकिन कंपनी द्वारा सिंगल-सिंगल केबल डाला जा रहा है. यह पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है.

विश्वकर्मा नगर से लेकर सत्यम शिवम् अपार्टमेंट चौक पर काम चल रहा है. शहर के नागरिक यह देख सकते हैं. नवखरे का कहना है कि एसएनडीएल कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से नागरिकों से पैसे वसूलती है. लेकिन कंपनी की ओर से गलत काम किया जा रहा है. अगर इस तरह से काम किया जा रहा है तो कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से पैसे वसूलने का कोई अधिकार नहीं है.

जबकि इस बारे में एसएनडीएल के पीआरओ दीपांशु खिरवटकर से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने पहले बताया कि कंपनी अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम यूं ही नहीं कर सकती इसके कुछ नियम है. अगर किसी को बिजली की समस्या है तो उसे एसएनडीएल ठेकेदार मुहैय्या करवाती है और वह अपनी सुविधानुसार अंडरग्राउंड केबल डालता हैं.

थोड़ी देर बाद खिरवटकर ने जानकारी देते हुए बताया कि जो काम विश्वकर्मा नगर से लेकर सत्यम शिवम् अपार्टमेंट चौक पर चल रहा है वह एनएमसी के स्ट्रीट लाइट का कार्य है और इस बार एनएमसी(नागपुर महानगर पालिका) ने यह कार्य एसएनडीएल को सौंपा है. उन्होंने बताया कि हो रहे इस कार्य के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है.