Published On : Thu, Apr 26th, 2018

जलयुक्त शिवार पूरा करने अल्टीमेटम

jalyukt sivar
नागपुर: जिले के जिलाधिकारी अश्विन मुदगल ने जिले में जलयुक्त शिवार अभियान के सभी कार्य किसी भी हालात में 30 जून तक पूरा करने का अल्टीमेटम संबंधित विभागों को दिया है. इस संदर्भ में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी अपूर्ण कार्यों को 30 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में जिप सीईओ कादम्बरी बलकवडे, जिला वन अधिकारी मल्लिकार्जुन, वन्यजीव विभाग की नीलू सोमराज, उपजिलाधिकारी मनीषा जायभाय, पर्यवेक्षाधीन प्रशासकीय अधिकारी इंदूरानी जाकर, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मिलिंद शेंडे, कार्यकारी अभियंता रवींद्र बानाबाकोड़े, जिप के नरेश सहारे उपस्थित थे. जिले के उमरेड, भिवापुर, सावनेर, नागपुर, कामठी तहसीलों में भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है. यहां जलयुक्त के कार्यों को पूरा करने से स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी. मुदगल ने कहा कि पिछले वर्ष 220 गांवों में 3494 कार्यों को प्रशासकीय मान्यता दी गई थी जिसमें से कृषि विभाग, वन, जलसंधारण, लघुसिंचन, ग्रामीण जलापूर्ति, भूजल सर्वेक्षण व ग्राम पंचायत स्तर के 2103 कार्य प्रगतिपथ पर हैं. इस सभी कार्यों को 30 जून तक पूरा करने का निर्देश उन्होंने दिया.

गांव निर्भर बनाने पर जोर दें
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि चालू वर्ष के लिए 185 गांवों में कार्यों का नियोजन करते समय उपलब्ध जलस्रोत व पीने के पानी व सिंचाई के लिए पानी का अध्ययन कर उसके अनुसार कार्यों का चयन करें. इस संदर्भ में उस इलाके के जनप्रतिनिधि को विश्वास में लें. पानी के संदर्भ में गांव निर्भर बनें इस बात पर जोर दें. उन्होंने कहा कि इस वर्ष पेंच लाभक्षेत्र में पानी की कमी है इसलिए जो मांगे उसे खेत तालाब, कुआं व जलसंधारण के अन्य कार्यों को प्राथमिकता दें. इससे 70 हजार किसानों को संरक्षित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इस वर्ष जो मांगे उसे खेत तालाब के तहत जिले के 3500 का उद्देश्य दिया गया था जिसमें से 3053 को मान्यता दी गई है और अब तक 1447 खेत तालाब पूरे हो चुके हैं.

447 किसानों के खेतों में कुओं का कार्य पूरा
अभियान के तहत 2971 कार्यों की टेंडरिंग हो चुकी है और 975 कार्य पूरे हो चुके हैं. जिसमें 13.55 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं 2103 कार्य चालू है जिस पर 14.74 करोड़ रुपये खर्च होंगे. लोक सहभागिता से 1.24 लाख घनमीटर गाद निकाल गया है जिससे 64,621 घनमीटर गहराई करने का कार्य तालाबों का किया गया है. जिले में 500 मंजूर कुओं में से 447 किसानों के खेतों में कुओं का कार्य पूरा कर लिया गया है और उन्हें पानी उपलब्ध हुआ है. मुदगल ने तालाबों से गाद निकालने के लिए प्रत्येक तहसील में कम से कम 5 गांवों में अभियान चलाने का निर्देश दिया. इस योजना के लिए आनलाइन 57 आवेदन मिले, जिसमें से 5 को मंजूरी दी गई. जलयुक्त शिवार के लिए साईंबाबा संस्था, एनटीपीसी, सिद्धि विनायक संस्था, पावरग्रिड और टेकड़ी गणेश मंदिर के सीएसआर फंड से 6.38 करोड़ रुपये प्राप्त होने की जानकारी भी मुदगल ने दी.