Published On : Tue, Aug 30th, 2016

उद्धव ने ली शहर शिवसैनिकों की क्लास, युति धर्म से महत्वपूर्ण है जनता का हित

Uddhav Thackeray
नागपुर:
गत शनिवार को दोपहर एक बजे शहर के अधिकृत नगरसेवक एवं संभावित शहर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को मुम्बई बुलाकर मातोश्री में शिवसेना कार्याध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कड़क निर्देश दिया कि मिल कर रहो और उपस्थितों में से ही शहर प्रमुख बनाये जाने की घोषणा होंगी। शेष उपस्थित शिवसैनिकों को कार्यकारिणी में गुणवत्तापूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएगी और जिसे कार्यकारिणी में स्थान न मिला वह निराश होने के बजाय बतौर शिवसैनिक सक्रीय रहे। अपनी सक्रियता इतनी बढ़ाये की भाजपा को आगामी चुनाव में शिवसैनिकों का जनाधार का अहसास हो जाये।

ठाकरे ने कहा कि युति धर्म से जरुरी व महत्वपूर्ण जनता का हित है, इसलिए जतन के हित के लिए कभी युति धर्म को आड़े मत लाना। पूर्व शिवसैनिकों को पुनः प्रवेश देने का सर्वाधिकार संपर्क प्रमुख परब को दिए जाने की जानकारी बैठक के दौरान दी गई। इस बैठक में ३ दर्जन से अधिक शिवसैनिक सह नगरसेवक उपस्थित थे। इनमें किशोर कुमेरिया, सतीश हरड़े, किशोर परते, अजय दलाल, सूरज गोजे, बंडू तलवेकर, अलका दलाल, मंगेश काशीकर, अंकुश कडू, सुनील बैनर्जी, किशोर ठाकरे, शरद सरोदे, रजत देशमुख, दिलीप कुंभारे, सुशील अग्निहोत्री, चिंटू महाराज, दिगंबर ठाकरे आदि प्रमुखता से उपस्थित थे।

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बैठक में प्रमुखता से अनिल देसाई, अनिल परब सह मुम्बई के २-३ नगरसेवकगण उपस्थित थे। उद्धव ठाकरे के अनुसार नागपुर शहर व शिवसेना की स्थानीय परिस्थिति का अध्ययन हो चूका है,शीघ्र ही शहर प्रमुख सह शहर कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।

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उल्लेखनीय यह है कि शहर प्रमुख की दौर में किशोर कुमेरिया, किशोर पराते सह ४-५ शिवसैनिक दौड़ में है। यह भी मुमकिन हो सकता है कि दौड़ में दिखने वाले को दरकिनार कर उद्धव ठाकरे की सलाह पर नागपुर शहर प्रमुख विधायक अनिल परब अन्य किसी नए को शहर प्रमुख की जिम्मेदारी दे सकते है।इतना ही नहीं शिवसेना में प्रवेश के लिए अन्य दल के कई पदाधिकारी मोल-भाव में भिड़े है। लाभ के पद मिलने पर शिवसैनिक बनेंगे। फ़िलहाल शिवसेना प्रमुख के हावभाव से मुम्बई के बैठक में उपस्थित शिवसैनिकों को ऐसा ही लग रहा है। अगला मनपा चुनाव शिवसेना अकेले ही लड़ने के मुद में है। फिर भी चुनाव काफी दूर है। इस बीच राजनैतिक उथल-पुथल हुई तो समीकरण सह निर्णय बदल सकता है।

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मुम्बई के शिवसैनिको के अनुसार मुम्बई में जो हाल भाजपा का है ,ठीक वैसा ही कुछ हाल नागपुर में शिवसेना का है।

भाजपा का युति सेना से, साथ एनसीपी का मिल रहा
भाजपा राज्य में सरकार भले ही सेना के साथ युति के तहत चला रही, भाजपा ने युति के बावजूद सेना को निम्न दर्जे का विभाग थमा कर खुद इठला रही लेकिन यह तो कड़वा सत्य है कि सेना भी भाजपा के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोध समय-समय पर पैदा कर रही है। इसलिये तो भाजपा वक़्त-वक़्त पर एनसीपी की मदद लेने से नहीं चूक रही। सेना को इस फॉर्मूले का आभास रहने के बावजूद सेना युति गठबंधन में बने हुए जनता-जनार्दन को यह सन्देश दे रही है कि अन्याय के बावजूद सेना ने भाजपा का साथ कभी नहीं छोड़ा।

शुक्र को परब से चर्चा की तलवेकर ने
शहर के शिवसेना नगरसेवक बंडू तलवेकर ने नागपुर शहर शिवसेना संपर्क प्रमुख अनिल परब से मुलाकात कर शहर की वर्तमान सूरत-ए-हाल से वाकिफ करवाया। इनमे दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की तर्ज पर सम्पूर्ण शहर से एसएनडीएल हटा कर महावितरण को जिम्मा सौंपने, शालाओं में मुफ्त आहार वितरण प्रणाली का केन्द्रीयकरण की बजाय बचत गट के माध्यम से हो, नासुप्र बर्खास्त, एसएनडीएल हटाओ महावितरण लाओ, शहर बिजली विभाग में पहले की तरह महावितरण का विजिलेंस हो, जल कर व सम्पति कर से सम्बंधित समस्याओं पर गम्भीरता पूर्वक चर्चा हुई।

– राजीव रंजन कुशवाहा

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