Published On : Fri, Mar 27th, 2015

अकोला : स्वाईन फ्लू के मरीजों का खर्च करेगी शासन


निजी अस्पताल में उपचार ले रहे गरीब, आर्थिक दुर्बल मरीजों को मिलेगा लाभ

अकोला। जानलेवा स्वाइन फ्लू का संक्रमण तीव्र गति से फैलने से शासन स्तर पर विभिन्न उपाय योजना की जा रही है. इसी कडी में निजी अस्पताल में उपचार ले रहे स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार का खर्च वहन करने का निर्णय शासन ने लिया है. इसके लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षा में एक समिति का गठन किया गया है. गरीब व आर्थिक दृष्टि से दुर्बल घटकों को इस योजना का लाभ मिलेगा.

राज्य में 1 जनवरी 2015 से स्वाइन फ्लू बीमारी के अनेक मरीज बडी तादाद में पाए गए. परिणाम स्वरूप मृतकों की संख्या में भी इजाफा हुआ. स्वाइन फ्लू बीमारी व्यक्तिगत सफाई रखने से नहीं फैलती. साथ ही जल्द से जल्द उपचार करने से मृत्यू को भी टाला जा सकता है. इसके लिए जनता में फैलने वाले स्वाइन फ्लू बीमारी पर प्रतिबंध व नियंत्रण करने हेतू विविध प्रसार माध्यमों के जरिए जनता को स्वास्थ्य विषयक शिक्षा दी जा रही है. राज्य में स्वाइन फ्लू का प्रकोप न बढे इसलिए इस बीमारी पर उपचार लेने के लिए कई मरीज निजी अस्पताल में जा रहे है. इसे ध्यान में रखते हुए जो मरीज निजी अस्पताल में गंभीर अवस्थआ में जीवनावश्यक प्रणाली पर उपचार ले रहे है ऐसे मरीजों को खर्च की प्रतिपूर्ति देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है. इस संदर्भ में 2 मार्च से निजी अस्पताल में उपचार लेने वाले मरीजों को खर्च की  प्रतिपूर्ति देने का शासन निर्णय 20 मार्च को लिया गया है. शासन ने घोषित करने से 2 मार्च से स्वाइन फ्लू बीमारी के गरीब, आर्थिक दुर्बल घटकों के मरीज जो निजी अस्पताल में वेंटीलेटर या अन्य लाईफ सपोर्ट प्रणाली पर उपचार ले रहे हैं ऐसे मरीजों का खर्च शासन वहन करेगी. स्वाइन फ्लू का संक्रमण खत्म होने तक उक्त प्रतिपूर्ति अनुज्ञेय रहेगी.

उक्त मरीजों को खर्च की प्रतिपूर्ति देने के लिए समिति का गठन किया गया है. इस समिति के पास ऐसे प्रकरण संबंधित जिले के जिला शल्य चिकित्सक द्वारा निर्णय हेतु पेश करने है. इस समिति में  जिलाधिकारी अध्यक्ष रहेंगे. इसके अलावा जिला शल्य चिकित्सक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, वैद्यकीय महाविद्यालय के अधिष्ठाता, निजी अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या मुख्य प्रशासकीय अधिकारी सदस्य रहेंगे. उक्त समिति द्वारा प्रस्ताव की छाननी करने के लिए बैठक आयोजित कर संबंधित जिले के जिला शल्य चिकित्सक के माध्यम से पेश किए गए प्रस्तावों की छाननी कर मार्गदर्शन  सूचनाओं के अनुसार प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी. साथ ही शहरी प्रतिपूर्ति सीजीएचएस के दर के तहत देय रहेगी.

उपरोक्त समिति के निर्णय अनुसार मंजूर प्रकरण में स्वाइन फ्लू बिमारी के चलते निजी  अस्पताल में उपचार लेनेवाले संबंधित मरीज या मरीज की मौत होने पर मरीज के करीबी रिश्तेदार को संबंधित जिलाधिकारी प्रतिपूर्ति देंगे. निजी अस्पताल में उपचार का बिल मरीज ने अदा नहीं किया है तो  रकम की प्रतिपूर्ति संबंधित अस्पताल को किया जाएगा. स्वाइन फ्लू बीमारी पर निजी अस्पताल में उपचार लेने वाले मरीजों के खर्च की प्रतिपूर्ति हेतू मुख्यमंत्री सहायता निधि से 3 करोड की निधि संचालक,  स्वास्थ्य सेवा मंबई को उपलब्ध कराई गई है. उक्त निधि संचालक, स्वास्थ्य सेवा मुंबई द्वारा आश्यकता अनुसार संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से वितरित करने का आदेश दिया गया है.
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