Published On : Fri, Mar 27th, 2015

कोंढाली : नौकरी के नाम पर 7 लाख की ठगी

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आदिवासी आश्रम शाला का संचालक और साथीदार गिरफ्तार
एक दिन का पी.सी.आर.

कोंढाली (नागपुर)। यहां से 8 कि.मी. दुरी पर मसाला में आदिवासी (गोवारी) सुधाकर गजबे माध्यमिक आश्रम शाला है. इस आश्रम के व्यवस्थापन के खिलाफ पहले से ही अनेक शिकायते है तथा इस शाला के खिलाफ पहले से ही न्यायालय में केस चल रही है. फिर भी आश्रम शाला के अधीक्षक पद के लिए संस्था चालक ने मराठी समाचार पत्र में विज्ञापन दिया था. इस विज्ञापन के माध्यम से 10 मई 2014 को माधुरी अमोल मांजरे (30) नि. पुलई, वर्धा का इंटरविव्ह लिया गया था. उसके बाद महिला को नौकरी के लिए संस्था चालक ने 7 लाख रुपयों की मांग की. फरयादी ने पुरे पैसे देकर दो महीनों के बाद नौकरी पे आने के लिए कहा गया. लेकिन 2 महीने बीतने के बावजूद भी फरयादी को नौकरी के लिए नही बुलाया गया. जिससे माधुरी मांजरे ने कोंढाली पुलिस थाने में 30 अगस्त 2014 को संस्था के संचालक चंद्रशेखर नामदेव भोंडवे (40) नि. कोंढाली और चंद्रकांत उर्फ़ चंदू नथ्थुजी राउत (40) नि. आगेवाडा, सावनेर के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी.
मसाला के आदिवासी (गोवारी) आश्रम शाला के अधीक्षक पद के नौकरी के लिए संस्था संचालक चंद्रशेखर भोंडवे की ओर से माधुरी मांजरे को 7 लाख रुपयों की मांग की गई. पैसे 7 जून से 24 जून तक दिए गए. लेकिन पैसे देकर भी अधीक्षक पद के नौकरी का आदेश भी नही दिया गया था. माधुरी मांजरे ने संचालक चंद्रकांत भोंडवे को पुछने पर उन्होंने आज-कल कहकर टालमटोल की. दो महीने बितने पर भी नौकरी नही मिली. फरयादी ने जब आखरी बार पुछा तो भोंडवे ने कहां, “नौकरी नही मिलेगी, और पैसे भी नही देंगे, जो करना है करलो” ऐसा जवाब दिया. आखिर फरयादी ने संस्था के संचालक चंद्रशेखर भोंडवे और उसके साथीदार चंद्रकांत राउत के खिलाफ शिकायत दर्ज की. पुलिस ने दोनों के खिलाफ भादंवि की धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया.

इस प्रकरण में 8 महीनों जाँच के बाद पुलिस को 25 मार्च 2015 को सफलता मिली. जिसमे चंद्रशेखर भोंडवे और उसके साथीदार चंद्रकांत राउत को गिरफ्तार करके एक दिन का पीसीआर मिला. इस प्रकरण की जांच आठ महीनों से धीमी गति से क्यों शुरू थी? या शुरू ही नही थी? ऐसा प्रश्न उपस्थित हो रहा है. 26 मार्च को फिरसे दोनों को काटोल न्यायाधीश के सामने पेश किया गया. ऐसा थानेदार प्रदीप लांबट ने कहाँ है.

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