Published On : Mon, Aug 2nd, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

ट्रवल्स सरगना गुप्ता पर मित्र-घात का गंभीर आरोप

– स्टेट सीआईडी जांच की मांग

नागपुर- वेकोलि में वाहन आपूर्ति ठेका एजेंसियों के सरगना संदीपकुमार गुप्ता पर उसी का भागीदार मित्र राहुल शर्मा के साथ मित्र-घात करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।यहां वेकोलि परिक्षेत्र तथा गोंदिया की अनेक ट्रवल्स एजेंसियों मे चल रही गुप्तगू कानाफूसी के मुताबिक राहुल शर्मा नामक एक युवा व्यवसायी के साथ गुप्ता की घनिष्ठ मित्रता थी क्योंकि शर्मा और गुप्ता दोनों एक साथ कालेज मे पढ़ते थे। कालेज छोडने के पश्चात सर्व प्रथम ट्रवल्स व्यवसाय का धंधा राहुल शर्मा ने शुरु किया था।

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गुप्ता के करीबी सूत्रों की माने तो ईमानदार ट्रवल्स व्यवसायी राहुल शर्मा के धंधे पर संदीपकुमार को खलने लगा कि कालेज छोडने के बाद शर्मा अच्छी कमाई करने लगा हालांकि संदीपकुमार गुप्ता दिखावे के लिए अपने मित्र राहुल शर्मा को अपना गुरु मानता था।

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बताया जाता है कि सरगना गुप्ता ने सोचा कि क्यों न राहुल शर्मा से मिलकर भागीदारी स्वरुप ट्रवल्स व्यवसाय शुरु कर दिया जाए ?

नतीजतन बेरोजगार गुप्ता को राहुल शर्मा ने गुप्ता को अपने ट्रवल्स व्यवसाय के धंधे मे भागीदार बतौर शामिल कर लिया।

बताते हैं कि गुप्ता ने ट्रवल्स व्यवसायी शर्मा से ही सारे हुनर सीख लिए थे बाद मे गुप्ता अपने पार्टनर मित्र राहुल शर्मा मे धंधे के सभी सामान्य ज्ञान गुणधर्म को देखकर आश्चर्य व्यक्त करता था. दूसरी ओर संदीपकुमार गुप्ता अंदरूनी रुप से राहुल शर्मा के प्रति मन ही मन में नफरत करता था। गुप्ता इधर उधर अपने दोस्तों से कहते फिरता था कि भैया राहुल शर्मा ने क्या दिमाग पाया है उसके सामने मै कुछ भी नही, बिलकुल ही जीरो हूं।

लगभग एक वर्ष बाद 2010 में राहुल शर्मा और संदीपकुमार गुप्ता में अनबन यानी आपसी मतभेद उभरने लगा। इसके बाद समय की मार से घायल राहुल शर्मा के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्परिणाम उभरने लगा,बीमार शर्मा की सभी वाहनों के कागजात गुप्ता के कब्जे में थे।

इसका भरपूर फायदा उठाते हुए गुप्ता ने अपने मित्र को बुरी तरह आर्थिक रूप से झकझोर दिया।

गुप्ता ने मौके का फायदा उठाया और शर्मा के नाम की बसेस और चार पहिया वाहन टैक्सियां अपने नाम पर करवा लिया। इसके लिए कुछ खर्चा देकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर ले लिया करता था।

इसी बीच सातिर गुप्ता ने गोंदिया के तत्कालीन RTO को अपने धंधे का पार्टनर बनाने का प्रलोभन दिया और शर्मा के नाम की सभी वाहनों को अपने नाम पर करवा लिया।

इस संबंध में ट्रवल्स व्यवसायी राहुल शर्मा के करीबी सूत्रों ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि संदीपकुमार गुप्ता ने संकट की घड़ी पर अपने मित्र शर्मा को उसका हिसाब-किताब करने में आनाकानी की अंततः पारिवारिक सहयोग के चलते शर्मा को नागपुर के एक निजी अस्पताल में उपचारार्थ भर्ती कराया गया था.

संदीप गुप्ता धोखाधडी में गिरफ्तार

महाराष्ट्र शासन के साथ धोखाधड़ी के जुर्म में संदीपकुमार गुप्ता को बल्लारशाह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।बताते हैं कि एक सप्ताह भर गुप्ता को बल्लारशाह पुलिस स्टेशन की जेल में रखा गया था पुलिस प्रताड़ना से बचने के लिए गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को मुहंमागी रिश्वत देनी पड़ी। बाद में पुलिस ने उसे प्रथम श्रेणी न्यायाधीश न्यायालय चंद्रपुर के समक्ष पेश किया। जहाँ उसे जमानत मिली।मामला अभी भी न्यायालय में न्याय प्रविष्ट है।संभवतः निर्णय के पश्चात सरगना संदीपकुमार गुप्ता पर आर्थिक दण्ड के अलावा उसे सजा भी हो सकती है।

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