
नागपुर: आरेंज सिटी में आरटीओ के पास भले ही 850 से 900 ट्रकों का पंजीयन हो, लेकिन शहर के व्यावसायिक महत्व के कारण प्रतिदिन 5000 ट्रकों की आवाजाही एवं उनकी अस्त-व्यस्त पार्किंग से होने वाली परेशानी से छुटकारा पाने के लिए कामठी रोड पर बनाए गए ट्रांसपोर्ट प्लाजा की योजना को लेकर प्रन्यास के उदासीन रवैये के चलते इसे लगा ग्रहण समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में चल रही न्यायिक लड़ाई भी खत्म होने की जानकारी सूत्रों ने दी.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक लड़ाई खत्म होने के बाद प्रन्यास की ओर से पुन: ट्रांसपोर्ट प्लाजा का प्लान तैयार करने की प्रक्रिया अपनाई गई थी. लेकिन लंबा अरसा बीतने के बावजूद इस संदर्भ में कोई पहल नहीं हो सकी है.
BOT तत्व की थी योजना
सूत्रों के अनुसार बीओटी तत्व पर तैयार होने वाले शहर की कुछ प्रमुख योजनाओं में प्रन्यास का ट्रांसपोर्ट प्लाजा भी शामिल था, लेकिन कुछ न्यायिक लड़ाई के कारण गत अनेक वर्षों से योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी. बताया जाता है कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से इसे हरी झंडी देने के बाद इसका पुन: निर्माण कार्य प्रारंभ होने की आशा जताई गई थी.
विशेषत: ट्रांसपोर्ट प्लाजा में ट्रांसपोर्ट व्यावसायियों के कार्यालय के लिए कमरों का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन अन्य सुविधाओं का अतापता नहीं है. 23.5 एकड़ में आरक्षित ट्रांसपोर्ट प्लाजा के लिए तकरीबन 150 करोड़ खर्च का अनुमान लगाया गया था, जिसमें प्लाजा ट्रकों से संबंधित प्रत्येक आवश्यकताओं से परिपूर्ण योजना थी. जहां 50,000 वर्ग मीटर में केवल पार्किंग, पार्किंग करने वाले ड्राइवर और क्लीनर के लिए होटल और मनोरंजन के साधन, आपदा स्थिति से निपटने के लिए यहां अत्याधुनिक फायर स्टेशन भी उपलब्ध कराने की योजना थी.
4 ट्रांसपोर्ट प्लाजा की आवश्यकता
सूत्रों के अनुसार शहर को जोड़ने वाले महामार्ग और अंतरराज्यीय मार्गों पर ट्रकों की आवाजाही को देखते हुए तथा शहर को ट्रकों की पार्किंग से मुक्त कराने के उद्देश्य से कम से कम 4 ट्रांसपोर्ट प्लाजा की आवश्यकता है. अमरावती मार्ग, वर्धा मार्ग, छिंदवाड़ा मार्ग तथा भंडारा मार्ग पर ट्रांसपोर्ट प्लाजा के लिए कुछ समय पूर्व विचार किया गया था.
लेकिन कामठी रोड (जबलपुर मार्ग) पर तैयार हो रहा ट्रांसपोर्ट प्लाजा खटाई में पड़ने से इस योजना में रुकावटें आई थीं. सूत्रों का मानना है कि उक्त मार्गों पर ट्रांसपोर्ट प्लाजा तैयार होने पर शहर काफी हद तक ट्रकों की परेशानी से मुक्त हो सकेगा.
-23.4 एकड़ जमीन की गई थी आरक्षित.
-150 करोड़ की लागत का था अनुमान.
-50,000 वर्गमीटर में ट्रकों की पार्किंग.
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