Published On : Fri, Mar 1st, 2019

छठवें वेतन आयोग के लिए मनपा शिक्षक-कर्मियों ने मुंडवाया सिर

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी छठवें वेतन आयोग का बकाया देने में मनपा प्रशासन द्वारा की जा रही आनाकानी से नाराज मनपा शिक्षक और कर्मियों ने विभिन्न जगहों पर मुंडन आंदोलन शुरू किया.

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इसकी शुरुआत शिक्षकों ने अध्यापक भवन से की. यहां शिक्षकों में से लगभग ३ दर्जन शिक्षकों ने मुंडन किया. साथ ही मनपा मुख्यालय में कर्मचारी यूनियन कार्यालय के सामने ३ दर्जन और कर्मी मुंडन करने की घोषणा कर चुके हैं. इसके बाद संविधान चौक पर धरना दिया जाएगा, यहां भी कर्मी मुंडन करेंगे.

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याद रहे कि मनपा कर्मियों को छठवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशों के अनुसार अच्छा खासा बकाया लंबित है. इसके साथ ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने में मनपा प्रशासन आनाकानी कर रहा है. आयुक्त ने गुरुवार को स्थाई समिति को वर्ष २०१८-१९ का संशोधित और वर्ष २०१९-२० का प्रस्तावित बजट पेश किया. जिसमें कर्मचारियों की मांगों को सीरे से नज़रअंदाज किया. आयुक्त ने साफ़ कहा कि बजट में कर्मियों के बकाया और सातवें वेतन आयोग की सिफारिश का जिक्र नहीं है. इस मसले पर उनेहोंने गेंद मनपा सभा और महापौर के पाले में डाल दी.

उक्त मांगों को लेकर यूनियन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. तब उन्होंने ठोस आश्वासन दिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री और मनपा प्रशासन मसला टालते रही. मुख्यमंत्री और मनपा प्रशासन से नाराज यूनियन ने मुंडन आंदोलन के संकेत भी दिए थे, लेकिन मुख्यमंत्री और मनपा प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. इस आंदोलन का नेतृत्व शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश गवरे, कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सुरेंद्र टिंगणे , गौतम गेडाम, देवराव मांडवकर आदि कर रहे हैं.

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