Published On : Fri, Jan 9th, 2015

काटोल : स्वावलंबी होने के लिए मेहनत करे – वि. देशमुख


‘स्वच्छताकरीता युवक’ विद्यापीठीय राष्ट्रिय सेवा योजना शिविर

Swachatekarita Yuwak Ashish Deshmukh
काटोल (नागपुर)।
आज के युग में युवकों में स्वावलंबी होने की भावना निर्माण होने के लिए काफी मेहनत लगती है. राष्ट्रिय सेवा योजना शिविरों में विद्यार्थियों को स्वावलंब के पाठ सिखाए जाते है. पुरे देश भर में इस संदर्भ में  अभियान शुरू है. स्वच्छ सुंदर सशक्त भारत यह शासन की कल्पना है. ऐसा मार्गदर्शन विधायक डा. आशीष देशमुख किया. श्रीक्षेत्र चिन्तामुनीश्वर टेकड़ी पारडसिंगा में आयोजित ‘स्वच्छताकरीता युवक’ विद्यापीठ राष्ट्रिय सेवा योजना शिविर में वे बोल रहे थे.

इस दौरान संस्था के पालक संचालक दिनकर राऊत, एड. दीपक केने प्राचार्य डा. विजय धोटे, रमेशफिस्के, दिलीप तिजारे, डा. भाऊसाहेब भोगे, सरपंच रेखा उईके, उपसरपंच गुणवंत बोढाले, चिंतामुनीश्वर संस्था के अध्यक्ष विठ्ठल बारई, धर्मेंद्र पालीवाल, रमेश चरपे, मोहन डांगोरे, करुणा येवले प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

सात दिवसीय में शिविर में स्वछता के साथ, जलसंधारण, परिसंवार, वादविवाद स्पर्धा, स्वंयरिद्धा प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम संपन्न हुए. कार्यक्रम के प्रस्ताविक में प्राचार्य डा. विजय धोटे ने अरविंद देशमुख महाविद्यालय की सफलता तथा राज्य व विदर्भ स्तरीय करीब 16 शिविरों का सफल आयोजन की जानकारी दी. राष्ट्रिय सेवा योजना के माध्यम से श्रमदान से अनेक कार्य सफल हुए है. चिंतामुनीश्वर टेकड़ी में शिविर से अनेक उपक्रम लागु किए गए है. इस दौरान बट्रल सहकारी व सहभागी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया. कार्यक्रम का संचालन डा. प्रकाश पवार वहीं आभार प्रदर्शन प्रा. साधना जिचकार ने किया.

शिविर की सफलता के लिए प्रा. आनंद पुसाम, प्रा. दादाराव उपासे, प्रा. रीता वालके, प्रा. श्रीकांत ठाकरे, प्रा. अमर कुरील, प्रा. राजु बेलकर, डा. स्मिता मुडघे, डा. मेघा सुर्यवंशी, अशोक धारपुरे, प्रा. राजेन्द्र घारपाड़े, सचिन कडु, प्रा. भाविक मनियार, प्रा.सचिन वालके महाविद्यालय के प्राध्यापक व कर्मचारीयों ने अथक प्रयास किया.