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    Published On : Mon, May 17th, 2021

    तिवारी,रेड्डी व दुबे गुट भिड़ंत

    – असली-नकली इंटक को लेकर JBCCI में प्रतिनिधित्व के लिए खंब ठोक दावेदारी की जा रही,कोयला मंत्रालय सह कोल इंडिया पशोपेश में

    नागपुर – कोयला मजदूरों के वेतन समझौते के लिए गठित होने वाली JBCCI में प्रतिनिधित्व को लेकर इंटक के तीनों गुट खुल कर आमने-सामने आ गए.लेटर बम के माध्यम से खुद को असली और शेष 2 गुटों को नकली इंटक सिद्ध करने का खेल शुरू हो गया.ऐसे में तीनों इंटकों के सक्रीय सदस्यों में चर्चा हैं कि ऐसा ही द्वन्द चलता रहा तो इस दफे भी JBCCI में इंटक को प्रतिनिधित्व नहीं मिलेंगी ?

    याद रहे कि पिछले सप्ताह इंटक के तिवारी गुट के महामंत्री केके तिवारी ने कोयला सचिव को पत्र लिख कर डॉक्टर संजीवा रेड्डी द्वारा लिखे पत्र का खंडन करते हुए खुद के नेतृत्व वाली इंटक को असली बतलाया।

    कोल सचिव को लिखे पत्र में तिवारी ने कहा कि उनकी इंटक का गठन 3 मई 1947 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी,पंडित जवाहरलाल नेहरू,सरदार पटेल ने किया था.हमारी इंटक यूनियनों का एक फेडरेशन भी हैं.इस तरह के 12 फेडरेशन देश में सक्रीय हैं.

    तिवारी ने रेड्डी व दुबे गुट को फर्जी व धोखेबाज बताया। रेड्डी गुट ने हमारे संगठन के नाम पर 6 फरवरी 2007 को TRADE UNION ACT 1926 के तहत रजिस्ट्रशन करवाया।रेड्डी गुट और दुबे गुट में काफी अर्से से विवाद चल रहा.इंटक का नाम और इंटक के पदाधिकारी के रूप में खुद को प्रचारित करने को लेकर डॉक्टर संजीवा रेड्डी के खिलाफ हमने आपराधिक मुकदमा 425/2021 पटियाला हाउस कोर्ट में दायर किया हैं.

    तिवारी ने कहा कि देश भर में हम और हमारा इंटक वर्ग सक्रीय है,इसलिए हमारा इंटक ही असली व वास्तविक हैं.इसलिए JBCCI में उन्हें ही बतौर इंटक का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

    WCL संबंधी मामला हैं विचाराधीन
    तिवारी के अनुसार एक सिविल सूट संख्या 1146/2018 पटियाला हाउस कोर्ट में पहले से ही विचाराधीन हैं.WCL की यूनियन को लेकर दो और मुकदमें पेंडिंग हैं.

    मंत्रालय-कोल इंडिया के मध्य जारी हैं पत्र व्यवहार
    6 मई को कोयला मंत्रालय के उपसचिव राम शिरोमणि सरोज ने कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिखकर 11 वें JBCCI गठन करने का निर्देश देते हुए लिखा कि इंटक के कई गुट हैं.अदालती निर्देशों और श्रम कानूनों के मुताबिक इंटक के किस गुट को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए,ये ध्यान में रखना होगा।इस पत्र के बाद तिवारी ने 10 मई को कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिख JBCCI में अपनी दावेदारी ठोकते हुए 4 मुख्य एवं 4 वैकल्पिक प्रतिनिधियों के नाम भेज दिए.10 मई को ही रेड्डी गुट ने कोयला सचिव को पत्र लिख दावेदारी ठोकी।इसके बाद 13 मई को तिवारी ने कोल सचिव को पत्र लिख अपना पक्ष रहा और पुनः दावेदारी की.इस चक्कर में कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया पशोपेश में हैं कि इंटक के किस गुट को JBCCI के लिए आमंत्रित करें या फिर किसके पत्र को तरजीह दें.

    आज से ददई गुट मैदान में
    दुबे गुट के राष्ट्रीय महामंत्री एनजी अरुण के अनुसार आज सोमवार को पत्र जारी करेंगे,उनके अनुसार न रेड्डी और न ही तिवारी असली इंटक हैं,खुद के गुट को असली इंटक बतला रहे.रेड्डी-तिवारी हवा में दावेदारी कर रहे.देखना JBCCI में हम 6 सीटों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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