Published On : Fri, Sep 15th, 2017

बाघ शिकार मामले में दबाव सहन नहीं किया जाएगा, सीबीआई से कराई जाएगी जांच : विकास खारगे

tiger poaching

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नागपुर: पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार मामले में वनाधिकारियों पर ही एफआईआर दर्ज कराने की घटना को लेकर वन विभाग के सचिव विकास खारगे नाराजी जाहिर की। मामले की जांच में जुचे वनाधिकारियों पर राजनीतिक दबाव के अंतर्गत देवलापार पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अधिकारियों के समर्थन में फॉरेस्ट ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से खारगे को निवेदन सौंपा गया। निवेदन स्विकारते हुए खारगे ने एसोसिएशन पदाधिकारियों को विश्वास दिलाया कि इस मामले में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव सहन नहीं किया जाएगा। मामले की जांच की कमान भी जल्द सीबीआई को सौंपे जाने का आश्वासन भी इस दौरान उन्होंने दिया।

शुक्रवार को अमरावती में वरिष्ठ वनाधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जहां एसोसिएश के पदाधिकारियों ने पेंच टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार मामले में पकड़े गए आरोपियों और उनसे की जा रही पूछताछ के क्रम को दबाए जाने का विरोध किया। खारगे ने कहा कि ना केवल राजनीतिक दबाव को सहन किया जाएगा बल्कि मामले की जांच के दौरान जिला परिषद सदस्य शांता कुमरे के हस्तक्षेप की शिकायत को नदर अंदाज किए जाने पर देवलापार पुलिस को भी जवाब देना पड़ेगा। फॉरेस्ट ऑफिसर्स एसोसिएशन नागपुर की ओर से निवेदन खुद विभाग के प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वनबल प्रमुख) श्री भगवान ने दिया।

बता दें कि पेंच टाइगर रिजर्व के तोतलाडोह डैम में अवैध मछलियों का शिकार करनेवालों की बाघ के शिकार मामले में गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद इस जांच को दबाने के िलए लगातार क्षेत्र में दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में एक आरोप की कस्टडी से फरार होने के बाद मौत और एक अन्य आरोपी के घायल होने की घटनाओं के मामलों को उठाकर जांच अधिकारियों को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस प्रवृत्ति का विरोध वन विभाग की ओर से किया जा रहा है।