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नागपुर: अभी गर्मी की आहट शुरू हो चुकी है. कुछ ही दिनों में गर्मी बढ़ते ही नागपुर शहर में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच जाता है. पिछले वर्ष हुई कम बारिश भी इस बार शहर के नागरिकों को परेशान कर सकती है. आनेवाले कुछ दिनों में नागपुर शहर समेत आसपास के विभिन्न इलाकों में पीने के पानी के जलसंकट से नागरिकों का भी सामना हो सकता है. साथ ही इसके आनेवाले दिनों में होली का त्यौहार भी है.
होली के त्यौहार को लेकर भी लोगों की अलग अलग धारणाएं हैं. जहां एक ओर लगातार कुछ वर्षों से सूखी होली और पानी के बहुत कम उपयोग के जनजागरण पर सरकार और पर्यावरणवादी संस्थाए जोर दे रहे हैं. तो वहीं कई लोग ऐसे भी हैं. जो होली में पानी का उपयोग ज्यादा करते हैं. शहर की जानीमानी पर्यावरणवादी संस्था ग्रीन विजिल के संस्थापक कौस्तुभ चटर्जी ने भी शहर में बढ़ते जलसंकट पर जानकारी देते हुए बताया कि इस बार नागपुरवासियो को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है.
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उन्होंने बताया कि हमारे यहां पानी कम हो चुका है. पानी की फिजूलखर्ची बंद होनी चाहिए. भले ही एक दिन के त्यौहार में पानी का ज्यादा उपयोग न हो. लेकिन यह सोच बदलने की जरूरत है. लोगों को सूखी होली खेलना चाहिए. फरवरी मार्च में जिस तरह से बांधों में जलाशय रहना चाहिए वह नहीं है. अभी से ही शहर के नागरिको को पानी की बचत करनी चाहिए.








