Published On : Wed, Sep 16th, 2020

मनपा बजट में इसे तरज़ीह दिया जाए

– तैयार बजट को सुधारा जा रहा,फिर मनपा में दिग्गज की अनुमति बाद स्थाई समिति सभापति पढ़ेंगे

नागपुर – लगभग मनपा के प्रत्येक बजट को लेकर स्थाई समिति अति-उत्साहित रहता हैं.इस फेर में प्रत्येक वर्ष आज के दोगुणा-तिगुणा का बजट पेश किया जाता रहा.अबकी बार 6 माह बाद बजट पेश करने की संभावना हैं.जिसमें हवा बाजी न हो,इसलिए मनपा के जानकारों ने कुछ निम्न सुझाव दिए.

1. बजट में आय के लिमिट में ही व्यय का जिक्र हो
2. मनपा का वेतन सह मासिक खर्च,84 माह का पिछला बकाया,कर्मियों के पीएफ व अन्य शेयरों का बकाया जमा करवाना
3. पिछले बजट में 7 वां वेतन आयोग के सिफारिश अनुसार वेतन देने की घोषणा को अमल में लाने हेतु प्रावधान
4. राज्य व केंद्र के प्रकल्पों में मनपा का शेयर
5. मनपा के ठेकेदारों का सैकड़ों करोड़ का बकाया देने संबंधी
6. चालू प्रकल्प/काम का भुगतान का प्रावधान
7. अंत में पिछले आर्थिक वर्ष के रोके गए वर्क आर्डर/टेंडर प्रक्रिया पूर्ण के काम के भुगतान की व्यवस्था
अर्थात उक्त प्रावधान ही आगामी बजट में हो जाए,जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण कर ले तो 6 माह में इससे सफल बजट कोई और नहीं हो सकता।लेकिन उक्त प्राथमिकताओं के अलावा अन्य महत्वाकाक्षी प्रकल्प लाधे जाने की संभावना हैं.

फ़िलहाल औने-पौने ढंग/पिछले बजट के आधार पर तैयार किया गया बजट में सुधार करने हेतु मनपा में बजट निर्माण विशेषज्ञ द्वारा अध्ययन सह सुधार का क्रम जारी हैं.उनके सूक्ष्म निरिक्षण बाद मनपा के सत्ताधारी नेताओं की सहमति बाद ही बजट पेश अर्थात तैयार बजट का विशेष सभा में स्थाई समिति सभापति द्वारा पठन किया जाएगा ,अब यह बताना मुश्किल हैं कि इस माह के अंत में बजट पेश होगा या फिर अगले माह के पहले सप्ताह में !

गुंठेवारी योजना के काम मनपा जल्द शुरू करेंगी
गुंठेवारी योजना इसके पहले नागपुर सुधर प्रन्यास द्वारा शुरू था.नासुप्र का मनपा में समाहित बाद मनपा शुरू करने जा रही हैं.इसका सकारात्मक असर मनपा राजस्व पर पड़ेगा।इस योजना के कामों का निजीकरण भी कर दिया गया,जिसे मनपा में कार्यरत एक ठेकेदार कंपनी ने ही हथियाया,जल्द ही यह विषय स्थाई समिति की मंजूरी के लिए पेश किये जाने की सूचना मनपा नगर रचना विभागीय सूत्रों ने दी हैं.

पुनः नगर रचना विभाग में आने के लिए छटपटा रहे
पूर्व मनपा आयुक्त मुंढे द्वारा नगर रचना विभाग के एक दर्जन घाघ कर्मियों जो कुंडली मार विभाग को नुकसान पहुंचा रहे थे,उनका तबादला कर विभिन्न जोन में भेज दिया गया.अब जबकि मुंढे का तबादला हो गया तो पुनः घर वापसी के लिए सभी अपने-अपने आकाओं के दर पर मत्था टेक रहे.इनके आकाओं ने इन्हें आश्वस्त किया कि 1 माह ठहरो फिर मनमाफिक तबादला करवा दिया जाएगा।कड़वा सत्य हैं कि नगर रचना विभाग में कार्यरत कर्मी किसी अन्य विभाग में काम नहीं कर सकते !