
मृतक की पहचान राधिका मोहन जाधव (35) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच वार्ड में मौजूद लोगों की नजर राधिका पर पड़ी, जिसके बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अजनी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक, राधिका पिछले कई दिनों से गंभीर शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि अप्रैल महीने में हुए एक भीषण रेलवे हादसे में उसका एक पैर पूरी तरह कट गया था। हादसे के बाद से वह लगातार असहनीय दर्द और तकलीफ झेल रही थी तथा लंबे समय से अस्पताल में उपचाराधीन थी।
जानकारी के अनुसार, लगातार शारीरिक दर्द और मानसिक टूटन ने उसे गहरे अवसाद में धकेल दिया था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राधिका ने वार्ड में मौजूद बैंडेज और पट्टी की मदद से फंदा बनाया और उसे पलंग से बांधकर आत्महत्या कर ली।
सुबह अस्पताल स्टाफ ने जब यह दृश्य देखा तो सभी के होश उड़ गए। घटना के बाद मेडिकल अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और मरीजों व उनके परिजनों में भय और दहशत का माहौल दिखाई दिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल अजनी पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे केवल शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव कारण था या फिर कोई अन्य वजह भी है, इस एंगल से भी जांच जारी है।








