Published On : Mon, Aug 30th, 2021

जल मार्ग या रेल से हो सामान की आवाजाही, पेट्रोल-डीजल के खर्च में होगी कटौती: गडकरी

नागपुर: सड़कों के कारण भले ही प्रदेश सम्पन्न होते हों लेकिन वर्तमान में 70 प्रतिशत सामान की आवाजाही और 90 प्रतिशत यात्री परिवहन सड़कों के माध्यम से हो रहा है. यदि ये दोनों कम हो सके तो ईंधन पर होने वाले खर्च में भारी बचत हो सकेगी. जल मार्ग, रेलवे, सड़क और उसके बाद हवाई यातायात का उपयोग होना चाहिए. यह प्रतिपादन केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया. मराठी विज्ञान परिषद के वार्षिक कार्यक्रम में ‘सड़क निर्माण में विज्ञान व तकनीकी के महत्व’ विषय पर वे बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम होना चाहिए. वर्तमान में 8 से 10 लाख करोड़ रु. के ईंधन का आयात हो रहा है जिससे अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ता है.

ग्रीन हाईड्रोजन-लिथियम बैटरी का उपयोग
गडकरी ने कहा कि भविष्य में ग्रीन हाईड्रोजन तथा लिथियम आयन बैटरी का उपयोग बढ़ाने का प्रयास है. सड़कों के निर्माण का स्तर बनाए रख, निर्माण खर्च कम कैसे होगा इसके लिए निर्माण में टायर, प्लास्टिक रबर का उपयोग शुरू किया गया है. सीमेंट और स्टील के विकल्प के रूप में फ्लायएश और प्रीकास्ट तकनीकी का उपयोग कर सड़कों के निर्माण के खर्च को कम करना संभव है. महामार्ग मंत्रालय की ओर से लाई गई स्क्रैपिंग पालिसी में पुनर्प्रक्रिया कर कबाड़ सामग्री का उपयोग सड़कों के निर्माण का प्रावधान किया गया है. कचरे से सम्पत्ति निर्माण करने की पद्धति पर वैज्ञानिकों ने यदि लोगों का ध्यानाकर्षित किया तो निर्माण खर्च में कमी आ सकेगी.

सड़कों पर उतरेंगे हवाई जहाज
गडकरी ने कहा कि राजस्थान में 17 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. इन सड़कों से न केवल आम आवाजाही होगी बल्कि हवाई जहाज भी उतारे जा सकेंगे. परिवहन क्षेत्र में कम खर्च में काफी कुछ किया जा सकता है. सड़कों से होने वाले परिवहन के विकल्प के रूप में यदि ब्राडगेज मेट्रो लाई जाए तो पेट्रोल और डीजल के खर्च में कमी होगी. देश में 1.40 लाख किमी के महामार्ग हैं. इसे 2 लाख तक ले जाने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि महामार्ग के निर्माण के दौरान अब पेड़ों को काटने की बजाय उनका स्थानांतरण किया जाएगा. एनएचएआई की ओर से अब तक 12,000 पेड़ों का स्थानांतरण किया है.

CNG कार में राइड
मनपा पदाधिकारियों के वाहन भी सीएनजी पर परिवर्तित करने को लेकर गडकरी की ओर से कई बार सुझाव दिया गया. इसी सुझाव के अनुसार न केवल आपली बसों को सीएनजी पर परिवर्तित किया जा रहा है, बल्कि पदाधिकारियों के वाहन भी परिवर्तित हो रहे हैं. सर्वप्रथम परिवहन समिति सभापति बंटी कुकडे ने इसकी पहल की. सीएनजी पर परिवर्तित इस वाहन में गडकरी ने राइड किया. चर्चा के दौरान कुकडे ने कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा 15 इलेक्ट्रिक बस खरीदी करने का प्रस्ताव है. परिवहन सभापति के रूप में पर्यावरण पूरक परिवहन को प्रोत्साहन देने की प्राथमिकता होने की गवाही भी दी.