Published On : Wed, Jun 14th, 2017

आतंकवाद से किसी तरह का समझौता नहीं लेकिन कुछ राजनीतिक दल यह समझ नहीं रहे – विदेश राज्य मंत्री

Minister MJ Akbar
नागपुर: आतंकवाद के साथ किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता लेकिन देश के कुछ राजनीतिक दल इस बात को समझ नहीं रहे है। यह बात देश के विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर ने नागपुर में आयोजित पत्रकार परिषद में कहीं। आतंकवाद के ख़िलाफ़ सरकार की लड़ाई के तरीके और कश्मीर की नीति पर विपक्ष सरकार की आलोचना करता रहा है इसी में जवाब में सरकार के रुख का स्पस्टीकरण देते हुए अकबर ने कहाँ की सरकार आतंकवाद से लड़ाई में कोई समझौता नहीं कर सकती। मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल को पूरा करने के उपलक्ष्य में देश भर में सबका साथ सबका विकास सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। नागपुर में वेस्टर्न कोल्डफील्ड लिमिटेड द्वारा आयोजित सम्मेलन में भाग लेने के लिए अकबर नागपुर पहुँचे थे।

पत्रकारों से बातचीत में अकबर ने कहाँ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री ने नए भारत के निर्माण का सपना देखा है और इस सपने में गरीब सरकार का केंद्रबिंदु है। सरकार आम आदमी को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए कई तरह की योजनाए चला रही है मुद्रा योजना इसी की बानगी है। विमुद्रीकरण के फैसले के बाद से देश में बड़ा बदलाव आया है करीब एक करोड़ करदाता बढे है। इस फैसले और प्रभाव का अध्ययन करने के लिए दुनिया के कई देशो के प्रतिनिधी भारत आ रहे है। विमुद्रीकरण के फ़ैसले के बाद जीडीपी की ग्रोथ रेट में आयी गिरावट के सवाल पर अकबर ने कहाँ की जीडीपी ग्रोथ का अध्ययन तिमाही के आकड़ो की बजाए वार्षिक आकड़ो पर किया जाना चाहिए।

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केंद्रीय मंत्री से फसलों को उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य देने सवाल भी पूछा गया जिस पर उन्होंने कहाँ कि यह राज्य सरकारों का काम है उन्हें जब याद दिलाया गया की समर्थन मूल्य केंद्र तय करता है जबकि राज्य सिर्फ सिफारिश तब भी उन्होंने जवाब नहीं दिया। बीफ़ बंदी का मुद्दा भी उन्होंने राज्य सरकार से जोड़ दिया अकबर ने कहाँ की महात्मा गाँधी ने बीफ़ पर बंदी का ऐलान किया था यह विषय भी राज्य सरकार के अधीन आता है और सरकारे अपने अपने हिसाब से फैसले ले रही है।

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पत्रकारों से औपचारिक बातचीत के दौरान विदेश राज्य मंत्री ने सरकार के कामों की जमकर सराहना की लेकिन अपने मंत्रालय से जुड़े प्रश्नो को टाल गए। मिडल ईस्ट के हालातों और विजय माल्या के सवाल पर उन्होंने खुल के बात नहीं की ब्रिटेन में माल्या के प्रत्यर्पण से जुड़े मामले के सवाल पर उन्होंने ब्रिटिश कानून की जानकारी न होने की बात कहते हुए सवाल को टाल दिया। इस पत्र परिषद में राज्यसभा सांसद विकास महात्मे,महापौर नंदा जिचकर,उपमहापौर दीपराज पार्डीकर,विधायक अनिल सोले, शहराध्यक्ष सुधारक देशमुख,पार्टी के प्रवक्ता चंदन गोस्वामी,जयप्रकाश गुप्ता के साथ डब्लूसीएल के वेलफेयर तथा सीएसआर विभाग प्रमुख-ए के सिंग,कार्मिक निदेशक संजय कुमार, पब्लिसिटी जीएम इक़बाल सिंह उपस्थित थे।

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