Published On : Sat, Nov 17th, 2018

राम मंदिर निर्माण एक बहाना, भाजपा-सेना के बीच शक्ति-प्रदर्शन

नागपुर जिले से आएंगे सैंकड़ों शिवसैनिक

नागपुर: प्रधानमंत्री मोदी की बहुमत से सत्ता पर काबिज होते ही भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के प्रभावी क्षेत्रों में घुसपैठ शुरू कर दी. नतीजा सहयोगी दलों में हड़कंप मच गया. इसी क्रम में ठीक लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा प्रभावशाली राज्य उत्तर प्रदेश में उनके ही मुद्दे को लेकर आगामी २५ नवंबर को शक्ति-प्रदर्शन कर उन्हें ललकारने जा रही है.

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लोकसभा चुनाव में भाजपा को सम्पूर्ण देश में एकतरफा जीत मिली, वे चाहे तो अकेले ही सरकार बना सकते थे लेकिन उन्होंने चुनाव पूर्व और पश्चात गठबंधन में आये पक्षों व गुटों को सत्ता में हिस्सेदारी दी. इसके बाद भाजपा विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी पक्षों को दबाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी.

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महाराष्ट्र में इससे पहले शिवसेना ही अव्वल तो भाजपा दूसरे क्रमांक पर रहती थी. लेकिन विगत विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिवसेना से अधिक सीटें जीत न सिर्फ अपना मुख्यमंत्री बनाया बल्कि मलाईदार व प्रभावी मंत्री पद खुद के पास रखा. केंद्र और राज्य में सेना की निरंतर उपेक्षा के कारण सैकड़ों बार गठबंधन तोड़ने की धमकी देते रहे, लेकिन आज तक सत्ता में बने है.

इसी बीच भाजपा में सेना के अधीन मुंबई में अपना हस्तक्षेप काफी बढ़ा लिया. इससे सेना अस्थिर हो गई. मुंबई से धीरे धीरे खुद की जमीन खिसकता देख आगामी चुनाव के मद्देनज़र भाजपा नेतृत्व को ललकारने के लिए सेना ने हिंदुत्व और राम मंदिर निर्माण हेतु अयोध्या कूच करने की योजना बनाई. इसे सेना के भाजपा गढ़ में शक्ति-प्रदर्शन कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी.

आगामी सप्ताह २५ नवंबर को शिवसेना का अयोध्या में देशव्यापी शक्ति-प्रदर्शन की योजना से भाजपा नेतृत्व हिल गया है. सेना के सूत्रों के अनुसार प्रत्येक जिले से कम से कम १००० शिवसैनिक २३ से २४ नवंबर को अपने अपने जिले से सड़क मार्ग से अयोध्या के लिए कुछ करेंगे.

नागपुर जिले की जिम्मेदारी सांसद कृपाल तुमाने, आशीष जैस्वाल, प्रकाश जाधव को सौंपी गई है. सूत्र बतलाते हैं कि अयोध्या कूच करने के इच्छुक शिवसैनिकों की आवाजाही, रहने, खाने-पीने की सम्पूर्ण व्यवस्था की जा रही है. ताकि लाखों की संख्या में राज्य से शिवसैनिक अयोध्या पहुंचे.

उल्लेखनीय यह है कि अयोध्या से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राम मंदिर निर्माण और हिंदुत्व के संरक्षण में मोदी को ललकारेंगे. जिसका असर आगामी लोकसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है. उद्धव ठाकरे के सवाल कुछ इस प्रकार से हो सकते हैं… मोदी ने हिन्दुत्व के मुद्दे पर लोगों को वोट देने को कहा था. क्या हुआ? आप मंदिर का निर्माण कब करने जा रहे हैं?

उद्धव ठाकरे से स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे ने कहा था कि भाजपा से बैर/टकराव चलेगा लेकिन हिंदुत्व के रक्षकों का सम्मान रखने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. इसलिए सेना के आंदोलन को हिंदुत्व के रक्षक संगठनों का समर्थन मिलना शुरू हो गया है.

२४ की दोपहर उद्धव अयोध्या पहुंचेंगे
सेना सुप्रीमो ठाकरे 24 नवम्बर को दोपहर दो बजे विमानतल पहुँचेंगे. वहां से तीन बजे लक्ष्मणकिला आएंगे और यहां संतों व स्थानीय कार्यकर्ताओं सहित संगठन की ओर से आयोजित आशिर्वाद समारोह में हिस्सा लेंगे. इसके बाद सवा पांच बजे सरयू आरती में शामिल होने जाएंगे. पुन: 25 नवम्बर को सुबह नौ बजे रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के दर्शन करेंगे. दोपहर 12 बजे प्रेसवार्ता के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. फिर तीन बजे मुम्बई के लिए रवाना हो जाएंगे.

– राजीव रंजन कुशवाहा ( rajeev.nagpurtoday@gmail.com )

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